Molitics Logo
होम "पहले जनगणना कराएं, फिर परिसीमन पर विचार करें": कांग्रेस सांसद जयराम रमेश

"पहले जनगणना कराएं, फिर परिसीमन पर विचार करें": कांग्रेस सांसद जयराम रमेश

परिसीमन को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि नई जनगणना किए बिना परिसीमन की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।

"पहले जनगणना कराएं, फिर परिसीमन पर विचार करें": कांग्रेस सांसद जयराम रमेश
फोटो: "पहले जनगणना कराएं, फिर परिसीमन पर विचार करें": कांग्रेस सांसद जयराम रमेश
परिसीमन को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि नई जनगणना किए बिना परिसीमन की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। उन्होंने इस मुद्दे पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा 2002 में किए गए संविधान संशोधन का हवाला दिया, जिसके तहत परिसीमन को 2026 के बाद पहली जनगणना होने तक स्थगित कर दिया गया था। 

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि परिसीमन प्रक्रिया को नए जनसंख्या आंकड़ों के आधार पर ही आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा, "अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने 2002 में संविधान संशोधन करके यह व्यवस्था की थी कि परिसीमन को 2026 के बाद पहली जनगणना होने तक स्थगित रखा जाएगा, जिसका अर्थ है कि यह प्रक्रिया 2031 में की जाएगी।" उन्होंने बताया कि इसी कारण 1971 की जनसंख्या को आधार मानकर परिसीमन को स्थिर रखा गया था।

जनगणना में देरी पर कांग्रेस की चिंता


जनगणना में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस ने संसद में सवाल उठाया है। जयराम रमेश ने कहा, "चार साल बीत चुके हैं, लेकिन जनगणना की कोई स्पष्ट योजना नहीं है। परिसीमन के लिए जनगणना अनिवार्य है, चाहे वह महिला आरक्षण की प्रक्रिया हो या लोकसभा सीटों का पुनर्गठन।" उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि यदि परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है, तो कई राज्यों को उनकी कम जनसंख्या के कारण संसदीय प्रतिनिधित्व खोना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, "यदि हम 2025 की अनुमानित जनसंख्या को देखें, तो परिवार नियोजन में सफल रहे कई राज्यों को नुकसान होगा। क्या यह सही होगा कि जिन राज्यों ने प्रजनन दर को नियंत्रित किया, उन्हें दंडित किया जाए? यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। किसी भी राज्य को उसकी सफल जनसंख्या नीति के लिए सजा नहीं मिलनी चाहिए।" उन्होंने इस विचार को भी खारिज किया कि राजनीतिक नेताओं को जनता को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

जयराम रमेश ने यह भी कहा कि तमिलनाडु सरकार परिसीमन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में प्रस्तावित तीन-भाषा फॉर्मूले को लेकर केंद्र सरकार से टकराव की स्थिति में है। शुक्रवार को चेन्नई में विपक्षी दलों की पहली संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को चुनौती देने की रणनीति पर चर्चा की। इसके अलावा, कांग्रेस नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी आलोचना की और कहा कि भाजपा, राहुल गांधी के प्रभाव से डरी हुई है। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी प्रभावशाली विपक्ष के नेता बनकर उभरे हैं। उनकी 'भारत जोड़ो यात्रा' और 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' ने भाजपा को पूरी तरह से घबराहट में डाल दिया है। वे लगातार जनता के मुद्दे उठा रहे हैं, जिन तक प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों की पहुंच नहीं है।"

Read This Also:- "कांग्रेस की साजिश बेनकाब, अल्पसंख्यक कोटे की आड़ में तुष्टिकरण" – रविशंकर प्रसाद