टिकैत का अखिलेश पर पलटवार
अखिलेश यादव के सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए टिकैत ने कहा, "अगर भीड़ नहीं है तो भीड़ भेज दें। यार, रेल फ्री है, बस फ्री है, टोल फ्री है... जो आना चाहे, आ जाए। राजनीति को दूर रखकर यहां आना चाहिए। और हां, जो गंगा में डुबकी लगाए, वह नशा छोड़कर जरूर जाए। यह सभी के लिए संदेश है कि महाकुंभ से बुराइयों का त्याग करके जाना चाहिए।"
अखिलेश ने सरकार पर लगाए थे गंभीर आरोप
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ की व्यवस्थाओं और सरकारी आंकड़ों पर सवाल खड़े किए थे। अखिलेश ने कहा था कि सरकार का हर आंकड़ा फर्जी है। उन्होंने दावा किया कि कई ट्रेनें खाली जा रही हैं, यहां तक कि गोरखपुर जाने वाली ट्रेनें भी खाली हैं। अखिलेश ने अपनी सरकार के कार्यकाल को याद दिलाते हुए कहा कि उनके समय में कुंभ का आयोजन कम खर्चे में बेहतर तरीके से हुआ था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गंगा में ड्रेजर मशीन लगाकर पर्यावरण से खिलवाड़ किया जा रहा है।
गंगा स्नान पर अखिलेश का बयान
अखिलेश यादव ने बीते मंगलवार को मकर संक्रांति के अवसर पर हरिद्वार में गंगा स्नान किया। स्नान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "मकर संक्रांति के पावन पर्व पर लिया मां गंगा का आशीर्वाद।" मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे प्रयागराज संगम जाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "संगम तब जाएंगे, जब मां गंगा बुलाएंगी।" अखिलेश ने यह भी कहा कि गंगा कोलकाता तक बहती है, और जहां भी श्रद्धालु चाहें, वहां डुबकी लगा सकते हैं।
टिकैत की सलाह – राजनीति से परे रखें आस्था
महाकुंभ के आयोजन को लेकर अखिलेश यादव की आलोचना पर टिकैत ने कहा कि इस पवित्र आयोजन को राजनीति से जोड़ना गलत है। उन्होंने कहा, "महाकुंभ आस्था का प्रतीक है, और इसे राजनीति से दूर रखना चाहिए। गंगा स्नान करने वाले सभी लोगों को यहां से प्रेरणा लेकर बुराई का त्याग करना चाहिए।" राकेश टिकैत के इस बयान से महाकुंभ को लेकर छिड़ी राजनीतिक बहस में नई धार आ गई है। जहां एक तरफ सरकार व्यवस्थाओं को लेकर आत्मविश्वास दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
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