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एकनाथ शिंदे की शिवसेना में नए नेतृत्व का उदय, 20 विधायकों का अलग गुटः संजय राउत

राउत ने कहा कि जब एकनाथ शिंदे को इस योजना के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दबाव रणनीति बदल दी।अंततः उन्होंने डिप्टी सीएम का पद |

एकनाथ शिंदे की शिवसेना में नए नेतृत्व का उदय, 20 विधायकों का अलग गुटः संजय राउत
फोटो: Eknath Shinde, Shiv Sena, Sanjay Raut
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने सोमवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शिंदे को सत्ता से हटाने की योजना तैयार कर ली है। राउत ने कहा, “शिंदे इस योजना को लेकर लगातार परेशान रहते हैं और बार-बार सतारा अपने गृह नगर जाकर समय बिताते हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि शिंदे गुट में नए नेतृत्व का उभार हो रहा है, जिसमें उदय सामंत 20 विधायकों के समर्थन के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

राउत ने कहा कि जब एकनाथ शिंदे को इस योजना के बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दबाव रणनीति बदल दी। अंततः उन्होंने डिप्टी सीएम का पद स्वीकार कर लिया। राजनीतिक हलकों में महाराष्ट्र में इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।

कुछ दिन पहले, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता, उदय सामंत ने बड़ा दावा किया था। उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के कई नेता और निर्वाचित प्रतिनिधि एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं और जल्द ही शिंदे गुट में शामिल हो जाएंगे। सामंत ने यह भी बताया कि विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसद, विधायक और अन्य सार्वजनिक निकायों के प्रतिनिधि शिंदे से जुड़ रहे हैं। हालांकि, इस दावे को संजय राउत ने खारिज किया था। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में फिलहाल कोई गड़बड़ नहीं है।

संजय राउत हमारे लिए कोई मुद्दा नहीं


इसी बीच, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख नाना पटोले ने भी संजय राउत पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को राउत के बयानों का जवाब देने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि वह हमारे लिए कोई मुद्दा नहीं हैं। पटोले यह प्रतिक्रिया दे रहे थे राउत की उस टिप्पणी पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि शिवसेना (यूबीटी) ने महा विकास अघाड़ी के अपने सहयोगियों के साथ मिलकर राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने के बजाय अपने दम पर चुनाव लड़ने की योजना बनाई है।

हालां‍कि, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस गठबंधन के सहयोगी दल हैं। पिछले साल विधानसभा चुनाव भी दोनों ने मिलकर लड़ा था। लेकिन राउत और पटोले कई बार एक-दूसरे पर निशाना साध चुके हैं।

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