ईडी के अनुसार, जिन कंपनियों के शेयर कुर्क किए गए हैं, उनमें कार्मेल एशिया होल्डिंग्स लिमिटेड, सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, और हर्षा फर्म शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एजेंसी ने डालमिया सीमेंट्स (भारत) लिमिटेड (DCBL) की 377.2 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति भी जब्त की है। हालांकि कंपनी का दावा है कि संपत्ति का बाजार मूल्य 793.3 करोड़ रुपये है।
यह मामला वर्ष 2011 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है, जो डालमिया सीमेंट्स द्वारा भारती सीमेंट कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड में किए गए निवेश और उससे जुड़ी कथित अनियमितताओं पर आधारित है। ईडी ने 31 मार्च को कुर्की आदेश जारी किया, जो DCBL को 15 अप्रैल को प्राप्त हुआ।
CBI की जांच में सामने आया था कि DCBL ने जगन रेड्डी से जुड़ी रघुराम सीमेंट्स लिमिटेड में 95 करोड़ रुपये का निवेश किया था। बदले में, जगन रेड्डी ने अपने पिता, तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए DCBL को कडप्पा जिले में 407 हेक्टेयर की खनन लीज दिलवाने में मदद की।
CBI ने वर्ष 2013 में जगन रेड्डी, DCBL और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दायर की थी। आरोप यह भी है कि जगन रेड्डी ने ऑडिटर और राज्यसभा सांसद वी. विजया साई रेड्डी और DCBL के पुनीत डालमिया के साथ मिलकर रघुराम सीमेंट्स लिमिटेड में अपने शेयर एक फ्रांसीसी कंपनी PARFICIM को 135 करोड़ रुपये में बेचने का समझौता किया था। इसमें से 55 करोड़ रुपये नकद में हवाला चैनलों के जरिए जगन रेड्डी को दिए गए थे।
इन लेन-देन की जानकारी नई दिल्ली में आयकर विभाग द्वारा जब्त दस्तावेजों से सामने आई थी, जिनमें नकद भुगतान के साक्ष्य दर्ज हैं। यह नकद भुगतान 16 मई 2010 से 13 जून 2011 के बीच किया गया था।





