"सरकार खुद आरएसएस की है, फिर विरोध क्यों?"
शिवसेना नेता ने तंज कसते हुए कहा, "जब केंद्र और राज्य सरकारें आरएसएस के प्रभाव में ही चल रही हैं, तो फिर इन संगठनों को विरोध करने की जरूरत ही क्या है? यदि सरकार वाकई इस कब्र को हटाना चाहती है, तो इसके लिए सिर्फ एक अधिसूचना जारी करनी होगी। पीएम नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस को इसे हटाने से कौन रोक रहा है? विरोध प्रदर्शन का यह नाटक बंद किया जाना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि "औरंगजेब ने छत्रपति शिवाजी महाराज की मृत्यु के बाद भी 25 वर्षों तक संघर्ष किया, लेकिन मराठों को कभी हरा नहीं सका। ऐसे में उसकी कब्र को हटाने की मांग करना हास्यास्पद है।"
एनसीपी नेता रोहित पवार का BJP पर हमला
इस मुद्दे पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने भी बीजेपी और बजरंग दल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह पूरा विवाद जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने के लिए खड़ा किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया, "महाराष्ट्र सरकार किसानों और युवाओं की समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह विफल रही है। इसलिए, अब जब सरकार अपने वादों को पूरा करने में असमर्थ साबित हो रही है, तो वह लोगों को ऐसे गैर-जरूरी मुद्दों में उलझाने की कोशिश कर रही है।"
रोहित पवार ने आगे कहा, "बीजेपी और उसके सहयोगी संगठनों ने हमेशा इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का प्रयास किया है। लेकिन सच्चाई यह है कि छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके बाद छत्रपति संभाजी महाराज के नेतृत्व में मराठाओं ने औरंगजेब को कभी सफल नहीं होने दिया। वह पूरी ताकत के बावजूद महाराष्ट्र में एक इंच जमीन भी नहीं जीत सका।"
उन्होंने यह भी कहा कि, "इतिहास को नष्ट करने की नहीं, बल्कि संरक्षित करने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ियां समझ सकें कि कैसे सत्ता को एक कब्र तक सीमित किया जा सकता है।" यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं, बेरोजगारी चरम पर है, और महंगाई आम आदमी की कमर तोड़ रही है। विपक्षी नेताओं का मानना है कि यह पूरा मामला केवल जनता का ध्यान भटकाने का एक साधन है।
Read This Also:- "कर्नाटक सरकार के 4% आरक्षण पर भाजपा हमलावर, कहा- वोट बैंक साधने की कोशिश"
Read This Also:- "कर्नाटक सरकार के 4% आरक्षण पर भाजपा हमलावर, कहा- वोट बैंक साधने की कोशिश"





