तेज प्रताप ने अपनी पोस्ट में लिखा,
"मेरी खामोशी को मेरी कमजोरी समझने की भूल करने वालों, ये मत समझना कि मुझे तुम्हारी साजिशों का पता नहीं। शुरुआत तुमने की है, अंत मैं करूंगा। झूठ और फरेब से रचे इस चक्रव्यूह को तोड़ने जा रहा हूं। तैयार रहना, सच सामने आने वाला है। मेरी भूमिका मेरी प्यारी जनता और माननीय सर्वोच्च न्यायालय तय करेगा, कोई दल या परिवार नहीं।"
इस पोस्ट के साथ तेज प्रताप यादव ने एक तस्वीर भी साझा की है, जिसमें वे सफेद कुर्ता और सिर पर हरी टोपी पहने नजर आ रहे हैं। तस्वीर में वे अपने पिता लालू प्रसाद यादव की तस्वीर के सामने खड़े होकर उसे निहारते दिख रहे हैं। इस फोटो को उनके भावनात्मक संदेश और पारिवारिक टकराव के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि हाल ही में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने तेज प्रताप को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके साथ ही पारिवारिक रिश्तों में भी दरार गहरा गई थी। लालू ने यह कदम तेज प्रताप के सार्वजनिक बयानों और संगठन विरोधी गतिविधियों को आधार बनाकर उठाया था। तेज प्रताप का यह बयान साफ संकेत देता है कि वे अब चुप रहने के मूड में नहीं हैं और आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकते हैं।
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