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यूक्रेन को दी जा रही मदद पर ट्रंप-मैक्रों के बीच असहमति, वाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई छिटपुट नोकझोंक

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई एक महत्वपूर्ण मुलाकात ने यूक्रेन संकट को लेकर |

यूक्रेन को दी जा रही मदद पर ट्रंप-मैक्रों के बीच असहमति, वाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई छिटपुट नोकझोंक
फोटो: Trump and Macron, Ukraine
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई एक महत्वपूर्ण मुलाकात ने यूक्रेन संकट को लेकर विभिन्न दृष्टिकोणों को उजागर किया। यह बैठक वाइट हाउस में हुई, जहां दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। हालांकि, यूक्रेन के मामले पर दोनों के विचार स्पष्ट रूप से अलग थे। डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए यह आरोप लगाया कि यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को सैन्य सहायता दी थी, और अब वे उस मदद के बदले में अपनी पूंजी वापस मांग रहे हैं। इस पर इमैनुएल मैक्रों ने तुरंत ट्रंप को बीच में ही टोकते हुए कहा, "मैं आपको सही कर रहा हूं, यूरोप ने यूक्रेन को पैसा दिया था, और अब वह पैसा वापस लिया जा रहा है।"

मैक्रों का यह बयान ट्रंप के लिए अप्रत्याशित था, और वे चुप रहे, लेकिन उनके चेहरे के हाव-भाव ने इस पल को और भी दिलचस्प बना दिया। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत इतनी तीव्र थी कि इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, और यह घटना चर्चा का विषय बन गई। मैक्रों ने आगे कहा कि यूरोप ने यूक्रेन के लिए जो खर्च किया, उसका 60 प्रतिशत हिस्सा यूरोपीय देशों ने अकेले वहन किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह रकम लोन या गारंटी के रूप में नहीं दी गई थी, बल्कि यह रूस की संपत्तियों से संबंधित थी, जिन्हें फ्रीज किया गया है। मैक्रों के मुताबिक, "हमने जो पैसा खर्च किया है, वह यूरोप का था, और रूस को इस रकम को वापस करना होगा।" इस दौरान, उन्होंने यह भी बताया कि रूस ने जो संपत्तियां यूरोप में रखी हैं, उन्हें फ्रीज किया गया है, और इसका रूस से कोई लेना-देना नहीं है। ट्रंप ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा, "अगर आप यही कहते हैं, तो सही है, लेकिन मेरी चिंता यह है कि उन देशों को उनका पैसा वापस मिल रहा है, लेकिन हमें अपनी पूंजी वापस नहीं मिल रही।" 

ट्रंप ने बताया कि उनका प्रशासन वर्तमान में यूक्रेन के साथ मिनरल्स के लिए एक रेवेन्यू शेयरिंग समझौते पर काम कर रहा है। इसके तहत, यूक्रेन को दी गई अमेरिकी मदद में से कुछ हिस्सा अमेरिकी प्रशासन को वापस मिल सके, जो उसने रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन को हथियार खरीदने के लिए प्रदान किया था। ट्रंप का मानना था कि यह समझौता यूक्रेन और अमेरिका के बीच एक सकारात्मक कदम हो सकता है, और वह आश्वस्त थे कि इस समझौते से 180 अरब डॉलर की अमेरिकी मदद का एक हिस्सा वापस मिल सकेगा।

 यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यूक्रेन और अमेरिका के बीच यह समझौता बहुत करीब है, और वे उम्मीद कर रहे हैं कि इस प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आएगी। यह बात इस समझौते की महत्वपूर्णता को और बढ़ाती है, क्योंकि इस समझौते के तहत यूक्रेन को मिले वित्तीय सहायता का एक हिस्सा वापस आने की उम्मीद है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंध मजबूत हो सकते हैं। इस मुलाकात ने न केवल यूक्रेन संकट पर दो अलग-अलग दृष्टिकोणों को उजागर किया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका और यूरोप, खासकर फ्रांस, अपने-अपने राष्ट्रीय हितों और रणनीतिक उद्देश्यों को लेकर अलग-अलग राय रख सकते हैं।

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