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योगी को डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने फिर दी चुनौती, कहा- प्रदेश में रिश्वतख़ोरी और अपराध बढ़ा!

मुख्यमंत्री योगी के समर्थकों का कहना है कि प्रदेश बीजेपी में जो भी राजनीतिक कलह दिखायी दे रही है, इसका कारण बीजेपी नेतृत्व का मौर्य पर लगाम नहीं लगाना है।

योगी को डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने फिर दी चुनौती, कहा- प्रदेश में रिश्वतख़ोरी और अपराध बढ़ा!
फोटो: योगी को डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने फिर दी चुनौती, कहा- प्रदेश में रिश्वतख़ोरी और अपराध बढ़ा!
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दावा रहता है कि राज्य में क़ानून व्यवस्था बिलकुल ठीक चल रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का कुछ और कहना  है। 29 अप्रैल को मौर्य ने राज्य के पुलिस अधिकारियों से कहा कि राज्य में रिश्वतख़ोरी और अपराध बढ़ रहा है, इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए काम किया जाये। गौर करने वाली बात यह है कि पुलिस विभाग उनके अंतर्गत नहीं आता है, यह मुख्यमंत्री योगी के क्षेत्राधिकार के दायरे में आता है। इसके अलावा भी बहुत से ऐसे काम और विभाग है जो मौर्य के क्षेत्राधिकार में नहीं आते है, फिर भी वे संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ बैठकें करते हुए नज़र आ रहे है। दरअसल, योगी आदित्यनाथ और मौर्य के बीच लोकसभा चुनाव के परिणामों के बाद से खुलकर मतभेद देखने को मिल रहा है। लोकसभा के चुनाव में इंडिया गठबंधन ने बीजेपी को क़रारी शिकस्त दी है, जिसके बाद से उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीजेपी बैकफुट पर नज़र आ रही है।

मंगलवार को दिल्ली में बीजेपी मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई। इस दौरान का एक वीडियो क्लिप बहुत वायरल हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री योगी सिर्फ़ केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का अभिवादन करते हुए दिखे, जबकि पीएम मोदी से अभिवादन तो दूर, उन्होंने उनकी तरफ़ ठीक से देखा ही नहीं था।


प्रदेश की बीजेपी में बढ़ती राजनीतिक हलचलें


हाल ही में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने सार्वजनिक रूप से ऐलान किया था कि बीजेपी में सब कुछ ठीक चल रहा है। मीडिया में जो क़यास लगाये जा रहे है कि प्रदेश की बीजेपी के नेतृत्व में बड़ा परिवर्तन होने वाला है, ऐसा कुछ भी नहीं है। कुछ दिनों पहले उपमुख्यमंत्री मौर्य भी कह चुके हैं कि उनके और मुख्यमंत्री योगी के बीच सब कुछ ठीक चल रहा है। बीजेपी नेतृत्व को लेकर विपक्ष लोगों के बीच में सिर्फ़ झूठ फैलाने का काम कर रहा है।

लेकिन बहुत से राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी जो कह रही है और वास्तविकता में  बहुत बड़ा अंतर है। कई ऐसे उदाहरण है, जहाँ बीजेपी की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। मौर्य हर दिन प्रदेश के अधिकारियों और विधायकों के साथ बैठकों की तस्वीर साझा करते है। लोकसभा के चुनाव के बाद से अभी तक मौर्य राज्य की किसी ऐसे मीटिंग में नहीं गये हैं, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी ने किया हो।

मौर्य ने कहा था कि कुछ लोग अपने आपको संगठन से बड़ा मानते है, लेकिन संगठन व्यक्ति और सरकार से बड़ा होता है। उन्होंने कहा था कि 2014 और 2017 के दौरान उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार नहीं थी, फिर भी 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज़ की, जिसका कारण संगठन था।


योगी समर्थकों का क्या कहना है


मुख्यमंत्री योगी के समर्थकों का कहना है कि प्रदेश बीजेपी में जो भी राजनीतिक कलह दिखायी दे रही है, इसका कारण बीजेपी नेतृत्व का मौर्य पर लगाम नहीं लगाना है। इसके चलते लोगों में यह संकेत जा रहा है कि आने वाले समय में पार्टी के नेतृत्व में बड़ा परिवर्तन होने की संभावना है।