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यूपी सरकार में तनाव: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सीएम योगी के ‘वीआईपी कल्चर हटाओ’ अभियान की आलोचना की

यह पहली बार है कि डिप्टी सीएम ने अपने ही मुख्यमंत्री के किसी फ़ैसले की सरेआम आलोचना की है। राजनीतिक हलकों में इसे बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व और सीएम योगी के बीच जारी टकराहट का नतीजा माना जा रहा है।

यूपी सरकार में तनाव: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सीएम योगी के ‘वीआईपी कल्चर हटाओ’ अभियान की आलोचना की
फोटो: यूपी सरकार में तनाव: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सीएम योगी के ‘वीआईपी कल्चर हटाओ’ अभियान की आलोचना की
क्या बीजेपी और केंद्रीय नेतृत्व और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच तनाव बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के एक बयान से इसे बल मिला है जो गृहमंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘वीआईपी कल्चर हटाओ’ अभियान की आलोचना की है। उन्होंने सोमवार को कानपुर में कहा कि गाड़ी रोककर जांच-पड़ताल का जो अभियान चल रह है, उससे मैं सहमत नहीं हूं। ऐसे अभियान को रोका जाना चाहिए। दरअसल यूपी पुलिस सीएम योगी के आदेश पर राज्य में गाड़ियों पर लगे हूटर और लाल-नीली बत्ती उतरवा रही है। लेकिन कानपुर और लखनऊ समेत कई शहरों में  इसे लेकर बीजेपी नेताओं से पुलिस तकरार सामने आयी है।

यह पहली बार है कि डिप्टी सीएम ने अपने ही मुख्यमंत्री के किसी फ़ैसले की सरेआम आलोचना की है। राजनीतिक हलकों में इसे बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व और सीएम योगी के बीच जारी टकराहट का नतीजा माना जा रहा है।



कार्यकर्ताओं के सम्मान की बात जहाँ आएगी हम उनके साथ


ब्रजेश पाठक सोमवार को कानपुर में संचार रोगी अभियान के एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। पत्रकारों ने जब उनसे जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र त्रिपाठी की गाड़ी रोकने और बत्ती उतरवाने का जिक्र किया तो डिप्टी सीएम ने कहा, “कानपुर साउथ में बीजेपी पदाधिकारी पर मुकदमे का पता चला है। इस मामले पर कमिश्नर से बात हुई है, मुकदमा खत्म होगा। कार्यकर्ताओं के सम्मान की बात जहां आएगी हम उनके साथ हैं।"

दरअसल 24 जून को कानपुर के गोविंद नगर थाना क्षेत्र के दीप तिराहे पर पुलिस ने शैलेंद्र त्रिपाठी के गाड़ी पर लगे हूटर को हटा दिया था जिसके बाद उन्होंने पुलिस के साथ बदसलूकी की थी। पुलिस ने इस घटना के बाद उन पर एफआईआर दर्ज़ कर ली हैं।

पुलिस ने आरोप लगाया कि उन्होंने वीडियोग्राफी कर रहे पुलिस जवान से मोबाइल छीनने की कोशिश की और गाली- गलौज किया। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें शैलेंद्र को पुलिसकर्मियों से कहते सुना गया- "दिमाग ख़राब हैं, जो गाड़ी सीज करोगे और चालान करोगे। अभी 500 गाड़ियाँ और मंगवा रहा हूं। कितनी सीज करोगे? तुम लोग झंडा देखकर गाड़ी रोकते हो, तुम लोग केवल समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बनकर काम कर रहे हो। ऐसे नहीं जाऊंगा, इन पुलिस वालों का इलाज करके जाऊंगा। यह बीजेपी का झंडा देखकर गाड़ी रोक रहा हैं।"

 डिप्टी सीएम ने इसी घटना को लेकर शैलेंद्र त्रिपाठी का समर्थन किया है।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी का यूपी में बेहद कमजोर प्रदर्शन रहा। बीजेपी जिस अयोध्या के नाम पर वोट मांग रही थी, वो सीट भी पार्टी हार गई। हार की समीक्षा हुई, तो बीजेपी की आंतरिक रिपोर्ट में सामने आया कि लोगों में नेताओं के वीआईपी कल्चर को लेकर भी गुस्सा था। जिसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में अभियान चलाकर गाड़ियों से हूटर और लाल-नीली बत्ती हटाने का निर्देश दिया।