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Delhi: ‘संजीवनी’ और ‘महिला सम्मान’ स्कीम लागू नहीं, विभागों का ऐलान

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने विज्ञापन जारी कर इन योजनाओं को खारिज कर दिया है।स्वास्थ्य विभाग ने अपने |

Delhi:  ‘संजीवनी’ और ‘महिला सम्मान’ स्कीम लागू नहीं, विभागों का ऐलान
फोटो: Sanjeevani, Mahila Samman
आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में दो महत्वपूर्ण योजनाओं – महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना – की घोषणा की थी। हालांकि, अब इन योजनाओं को लेकर पार्टी को बड़ा झटका लगा है।  दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने विज्ञापन जारी कर इन योजनाओं को खारिज कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने अपने विज्ञापन में स्पष्ट किया है कि दिल्ली में "संजीवनी योजना" नामक कोई भी योजना फिलहाल लागू नहीं है और न ही सरकारी दस्तावेजों में इसका उल्लेख है।

इसी प्रकार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने "महिला सम्मान योजना" को भी मान्यता देने से इनकार कर दिया है। इस योजना के तहत हर महिला को ₹2100 देने की घोषणा की गई थी। मंत्रालय ने विज्ञापन में स्पष्ट किया है कि दिल्ली में ऐसी कोई योजना अस्तित्व में नहीं है।

नागरिकों के लिए चेतावनी 


दोनों विभागों ने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें उन्हें किसी को भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या पहचान पत्र) साझा न करने की सलाह दी गई है। विभागों ने यह भी आश्वासन दिया कि यदि दिल्ली सरकार भविष्य में ऐसी कोई योजना लागू करती है, तो इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर जनता को जानकारी दी जाएगी। 

केजरीवाल का वादा और पार्टी की पहल 


आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने आगामी विधानसभा चुनाव में जीत के बाद संजीवनी योजना के तहत दिल्लीवासियों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं देने का वादा किया है। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने पहले ही नागरिकों से योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना शुरू कर दिया था।  हालांकि, इन रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाओं को लेकर सरकारी विभागों ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई योजना अभी लागू नहीं है। विभागों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। सरकारी विभागों की इस एडवाइजरी को आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी चुनाव से पहले अपनी योजनाओं को लेकर प्रचार में जुटी हुई है।

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