इलेक्ट्रिक बसों की बढ़ेगी संख्या, प्रदूषण घटाने पर जोर
दिल्ली सरकार ने CNG बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाने और इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने का फैसला किया है। दिसंबर 2025 तक 90% सार्वजनिक CNG बसों को इलेक्ट्रिक बसों से बदल दिया जाएगा। यह कदम स्वच्छ और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन की दिशा में सरकार के प्रयासों का हिस्सा है। सरकार ने एक विशेष टीम गठित करने का फैसला किया है, जो 15 साल पुराने वाहनों की पहचान करेगी। भारी वाहनों की भी कड़ी जांच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे तय मानकों के अनुसार ही दिल्ली में प्रवेश कर रहे हैं।
इसके अलावा, यूनिवर्सिटी के छात्रों को वृक्षारोपण अभियान से जोड़ा जाएगा। सरकार उन बड़ी कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों पर भी सख्ती करेगी, जो प्रदूषण फैलाने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
AAP सरकार पर निशाना, उठाए सवाल
मंत्री सिरसा ने पूर्व की AAP सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा दिए गए फंड का भी सही इस्तेमाल नहीं किया गया।
"दिल्ली में तीन मुख्य स्रोतों से प्रदूषण होता है - डस्ट प्रदूषण, वाहन प्रदूषण और कंस्ट्रक्शन प्रदूषण। लेकिन पिछली सरकार ने इन तीनों ही मोर्चों पर कोई कारगर नीति नहीं अपनाई। दिल्ली में स्प्रिंकलर भी सही से नहीं लगाए गए थे," सिरसा ने कहा।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिल्ली में सभी हाई-राइज़ बिल्डिंग, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और होटलों में एंटी-स्मॉग गन लगाना अनिवार्य किया जाएगा। इसके साथ ही, खाली जमीनों पर नए जंगल विकसित किए जाएंगे, जिससे शहर की हरियाली बढ़े और प्रदूषण कम किया जा सके।
सरकार क्लाउड सीडिंग तकनीक पर भी काम कर रही है, ताकि जब दिल्ली में प्रदूषण अपने चरम पर पहुंचे, तब कृत्रिम वर्षा के जरिए इसे नियंत्रित किया जा सके। इसके अलावा, नई हाई-राइज़ बिल्डिंगों के लिए भी सख्त नियम लागू किए जाएंगे।
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