क्या होता है प्रोटेम स्पीकर का काम?
जब कोई नई विधानसभा या लोकसभा गठित होती है, तो राष्ट्रपति या राज्यपाल सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करते हैं। प्रोटेम स्पीकर का मुख्य कार्य सदन की पहली बैठक की अध्यक्षता करना और नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाना होता है। इसके अलावा, वह विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया का संचालन भी करता है। जब स्थायी अध्यक्ष का चुनाव हो जाता है, तब प्रोटेम स्पीकर का कार्यकाल समाप्त हो जाता है।
अरविंदर सिंह लवली: कांग्रेस से बीजेपी तक का सफर
अरविंदर सिंह लवली का राजनीतिक करियर कांग्रेस से शुरू हुआ था, और वह दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा छात्र राजनीति से शुरू की और एनएसयूआई और युवक कांग्रेस में बड़े पदों पर कार्य किया।
1998 में उन्होंने गांधीनगर विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव जीता और शीला दीक्षित की सरकार में शहरी विकास, शिक्षा, परिवहन जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली।
2017 में लवली ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली लेकिन कुछ समय बाद फिर कांग्रेस में लौट आए। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने दोबारा कांग्रेस छोड़ी और बीजेपी में शामिल हो गए। इस बार बीजेपी ने उन्हें गांधीनगर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया, जहां से उन्होंने 12,748 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
सरकार में हुआ विभागों का बंटवारा
गुरुवार शाम को दिल्ली सरकार में मंत्रियों के विभागों का आवंटन कर दिया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी टीम में प्रवेश वर्मा, कपिल मिश्रा, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र कुमार इंद्राज, आशीष सूद और पंकज कुमार सिंह को शामिल किया है।
- रेखा गुप्ता को वित्त, राजस्व और महिला एवं बाल विकास विभाग सौंपा गया है।
- आशीष सूद को गृह, बिजली, शिक्षा और शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई।
- प्रवेश वर्मा को लोक निर्माण (PWD) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग सौंपा गया।
- पंकज कुमार सिंह को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और परिवहन विभाग का कार्यभार दिया गया।
- कपिल मिश्रा को कानून एवं न्याय मंत्रालय के साथ श्रम विभाग भी सौंपा गया।
- मनजिंदर सिंह सिरसा को वन एवं पर्यावरण विभाग और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का कार्यभार मिला।
- रविंद्र इंद्राज को सामाजिक कल्याण, एससी एवं एसटी कल्याण, सहकारिता।





