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Delhi: आप नेता सत्येंद्र जैन पर ACB का एक्शन, सीसीटीवी प्रोजेक्ट में घोटाले का आरोप

यह मामला राष्ट्रीय राजधानी में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर 7 करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर 16 करोड़ रुपये के क्षतिपूर्ति दंड |

Delhi: आप नेता सत्येंद्र जैन पर ACB का एक्शन, सीसीटीवी प्रोजेक्ट में घोटाले का आरोप
फोटो: Delhi: आप नेता सत्येंद्र जैन पर ACB का एक्शन, सीसीटीवी प्रोजेक्ट में घोटाले का आरोप
दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ 571 करोड़ रुपये की सीसीटीवी परियोजना में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप में मामला दर्ज किया। यह मामला राष्ट्रीय राजधानी में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर 7 करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर 16 करोड़ रुपये के क्षतिपूर्ति दंड को मनमाने ढंग से माफ करने का आरोप लगाया गया है।

कैसे हुआ घोटाला?


संयुक्त पुलिस आयुक्त और एसीबी प्रमुख मधुर वर्मा के अनुसार, सत्येंद्र जैन पर आरोप है कि उन्होंने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को 1.4 लाख सीसीटीवी कैमरों के लिए अतिरिक्त ऑर्डर देने में अनियमितता बरती। आरोपों के मुताबिक, परियोजना में देरी के बावजूद, BEL को अतिरिक्त ऑर्डर दिए गए, जबकि 16 करोड़ रुपये का दंड माफ कर दिया गया। एसीबी की जांच में सामने आया कि ठेकेदारों के माध्यम से रिश्वत का भुगतान किया गया, जिससे उन्हें अनुचित लाभ मिला। इसके अलावा, परियोजना की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब परियोजना पूरी हुई, तब भी कई कैमरे खराब थे, और विभिन्न विक्रेताओं को लाभ पहुंचाने के लिए भुगतान को कृत्रिम रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था।

ACB ने जुटाए अहम सबूत


एसीबी पहले ही BEL के एक अधिकारी से पूछताछ कर चुकी है, जिसने इन आरोपों की पुष्टि की और विस्तृत शिकायत दर्ज कराई। अब पीडब्ल्यूडी और BEL के दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि भ्रष्टाचार के और सबूत जुटाए जा सकें। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17A के तहत सत्येंद्र जैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। साथ ही, भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B (आपराधिक साजिश) और पीओसी अधिनियम की धारा 7/13 (1)(ए) के तहत भी मामले दर्ज किए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जुटाए गए सबूतों के आधार पर, एक महीने से अधिक समय पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218 के तहत सत्येंद्र जैन के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राष्ट्रपति से मंजूरी मांगी थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि सत्येंद्र जैन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।

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