'शिफ्टिंग के बयान से व्यापारियों में हड़कंप'
भारद्वाज ने बताया कि रेखा गुप्ता ने वहां घोषणा की कि चांदनी चौक और सदर बाजार जैसी पुरानी मार्केट अब तंग हो चुकी हैं और वहां व्यापार करना मुश्किल हो गया है, इसलिए इन्हें शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन्हें कहां ले जाया जाएगा। उनके इस बयान से व्यापारियों में चिंता की लहर दौड़ गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह साजिश साल 2022 में शुरू हुई थी, जब बीजेपी नेता कुलदीप चहल ने हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री से हरियाणा भवन में मुलाकात कर दिल्ली की मार्केट को वहां स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा था। उन्हें तरह-तरह के लालच भी दिए गए, लेकिन दिल्ली के व्यापारी इसके लिए तैयार नहीं हुए।
AAP नेता ने आगे कहा, “हमारी सरकार ने चांदनी चौक का रीडेवलपमेंट करके दिखाया कि पुरानी मार्केट्स को हटाए बिना भी उन्हें बेहतर बनाया जा सकता है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए, लेकिन बीजेपी के अफसरों ने जानबूझकर काम रोकने की कोशिश की।”
भारद्वाज ने इसे भावनात्मक मुद्दा बताते हुए कहा, “पुरानी मार्केटें सिर्फ व्यापारिक स्थल नहीं हैं, वे दिल्ली की संस्कृति और विरासत का हिस्सा हैं। कई परिवार पीढ़ियों से वहां व्यापार कर रहे हैं। उनके पूर्वज उन्हीं गद्दियों पर बैठे हैं। उन्हें जबरन हटाना अन्याय है।”
सौरभ भारद्वाज ने रेखा गुप्ता पर निशाना साधते हुए कहा, “आपको दिल्ली के व्यापारियों की भावना की कोई समझ नहीं है। आप अपने बेतुके बयान वापस लें और इस योजना को रद्द करें। आम आदमी पार्टी किसी भी हालत में व्यापारियों को उनकी जगह से हटने नहीं देगी। हम सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेंगे।”





