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अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों पर दीपेंद्र हुड्डा की कड़ी प्रतिक्रिया, कहा- 'रात के अंधेरे में बेड़ियों से बांधकर भेजा गया'

हुड्डा ने कहा, "यह असंवेदनशीलता है कि अमृतसर में रात के अंधेरे में इन लोगों को बेड़ियां पहनाकर लाया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने तो जेल विभाग की गाड़ियां तक |

अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों पर दीपेंद्र हुड्डा की कड़ी प्रतिक्रिया, कहा- 'रात के अंधेरे में बेड़ियों से बांधकर भेजा गया'
फोटो: Deepender Hooda, deported America
अमेरिका से 112 भारतीयों को लेकर एक और मिलिट्री जहाज अमृतसर पहुंचा है। इन भारतीयों पर गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने का आरोप है। इनमें हरियाणा के कुछ निवासी भी शामिल हैं, जिनके मामले पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह हरियाणा सरकार की नाकामी है कि राज्य के युवा डंकी के रास्ते पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। 

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "डंकी के रास्ते पलायन करने वाले युवाओं में हरियाणा के भी लोग हैं। यह बीजेपी सरकार की नीतियों की नाकामी का परिणाम है। बेरोजगारी, नशा, और अपराध की बढ़ती परिस्थितियां हैं, जिनके कारण हरियाणा का युवा इस रास्ते पर चलने को मजबूर हुआ है। डिपोर्टेशन में उनकी संख्या सबसे अधिक है। सरकार ने असंवेदनशीलता की सारी सीमाएं पार कर दी हैं। अमृतसर में रात के अंधेरे में विमान उतारा गया और लोगों को बेड़ियां पहनाकर भेजा गया।"

हरियाणा सरकार की असंवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए हुड्डा


हुड्डा ने कहा, "यह असंवेदनशीलता है कि अमृतसर में रात के अंधेरे में इन लोगों को बेड़ियां पहनाकर लाया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने तो जेल विभाग की गाड़ियां तक भेज दी थीं। सरकार को उनके परिजनों की पीड़ा को समझना चाहिए। वे सभी हरियाणवी और देशवासी हैं। भारतीय संस्कृति में किसी को अपमानित करने की कोई जगह नहीं है। यदि किसी और का बच्चा हो, तो ऐसे अपमानित नहीं किया जाता। सरकार को सहानुभूति दिखानी चाहिए। यह सरकार की नाकामी का स्पष्ट प्रमाण है।"

यूक्रेन संकट से की तुलना


दीपेंद्र हुड्डा ने इस मुद्दे पर एक ट्वीट भी किया, जिसमें उन्होंने लिखा, "अब यूक्रेन से लौटे छात्रों की तरह डंकी से आए युवाओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारकर बीजेपी सरकार क्यों नहीं अपना डंका बजवाती? उन्हें चुपचाप रात के अंधेरे में बेड़ियों में बांधकर अमृतसर क्यों लाया गया?" उन्होंने यूक्रेन और रूस युद्ध के दौरान फंसे भारतीय छात्रों की याद दिलाते हुए कहा कि उन्हें विशेष अभियान चला कर सुरक्षित लाया गया था और एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया गया था।

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