हाईकोर्ट का फैसला: रंगाई-पुताई के लिए एक हफ्ते की मोहलत
जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने बुधवार को यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को निर्देश दिया कि सात दिनों के भीतर मस्जिद की बाहरी रंगाई-पुताई और लाइटिंग का कार्य पूरा किया जाए। मस्जिद कमेटी ने रमज़ान शुरू होने से पहले प्रशासन और ASI से मस्जिद की रंगाई-पुताई की अनुमति मांगी थी, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद मस्जिद कमेटी ने हाईकोर्ट का रुख किया।
हिंदू पक्ष की आपत्ति और ASI की रिपोर्ट
हिंदू पक्ष ने इस मांग पर कड़ी आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया था कि रंगाई-पुताई के बहाने मस्जिद के निर्माण में छेड़छाड़ की जा सकती है। इस पर हाईकोर्ट ने ASI से एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा।
ASI ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया कि मस्जिद में फिलहाल रंगाई-पुताई की जरूरत नहीं है, लेकिन परिसर की सफाई कराई जा सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने पहले मस्जिद के बाहरी परिसर की सफाई और झाड़ियों को हटाने का निर्देश दिया था। इसके बाद, मुस्लिम पक्ष ने ASI की रिपोर्ट पर आपत्ति जताई और अदालत में पुनर्विचार याचिका दाखिल की। हिंदू पक्ष ने भी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा था।
अब हाईकोर्ट ने सशर्त रूप से रंगाई-पुताई की अनुमति देते हुए ASI को 7 दिनों के भीतर काम पूरा करने का आदेश दिया है। इस फैसले को मुस्लिम पक्ष के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, हिंदू पक्ष के रुख को लेकर विवाद अभी भी बना हुआ है।





