क्या है नेशनल हेराल्ड मामला?
प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, दिवंगत मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस के अलावा सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और एक निजी कंपनी यंग इंडियन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए हैं। ईडी का आरोप है कि इन लोगों ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजीएल)—जो ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार प्रकाशित करती थी की 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को धोखाधड़ी के माध्यम से हड़प लिया।
ईडी के मुताबिक, यंग इंडियन कंपनी ने महज 90 करोड़ रुपये के कर्ज के बदले एजीएल की पूरी संपत्ति अपने नियंत्रण में ले ली।
सुनवाई के दौरान सिंघवी ने कहा, “कानून के तहत हर कंपनी को अपनी देनदारियों को समाप्त करने की अनुमति है। हमने भी वही किया, एजीएल का कर्ज यंग इंडियन को ट्रांसफर किया ताकि वह कर्जमुक्त हो सके।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यंग इंडियन एक नॉट फॉर प्रॉफिट संस्था है, जो लाभांश, वेतन या बोनस का वितरण नहीं कर सकती। सिंघवी ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, “इस मामले में एजेंसी ने वर्षों तक कोई कदम नहीं उठाया, लेकिन एक निजी शिकायत मिलने के बाद अचानक सक्रिय हो गई।” उन्होंने तंज करते हुए कहा, “अगर नेशनल हेराल्ड किसी गैर-कांग्रेसी संस्था के पास चला जाए तो यह वैसा ही होगा जैसे ‘हैमलेट’ नाटक हो लेकिन उसमें डेनमार्क का राजकुमार न हो।”
ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने 3 जुलाई को अदालत में कहा कि गांधी परिवार यंग इंडियन के बेनिफिशियल ओनर हैं और अन्य शेयरधारकों की मृत्यु के बाद उन्होंने कंपनी पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 3 और 4 के तहत सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
Read This Also:- 'हम चीन से लड़ रहे थे, पाकिस्तान से नहीं'- ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला
Read This Also:- 'हम चीन से लड़ रहे थे, पाकिस्तान से नहीं'- ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला





