जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा, "वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल इस समय वाशिंगटन डीसी में व्यापार को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप यह दावा कर रहे हैं कि भारत टैरिफ कम करने के लिए राजी हो गया है। सवाल यह है कि मोदी सरकार ने अमेरिकी दबाव में आकर क्या सहमति व्यक्त की है? क्या भारतीय किसानों और निर्माताओं के हितों से समझौता किया जा रहा है?" उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 मार्च से शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान इस मुद्दे पर देश को विश्वास में लेना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि सरकार ने ट्रंप के साथ किन शर्तों पर सहमति जताई है। जयराम रमेश ने एक और बड़ा सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यदि सरकार ने टैरिफ कटौती पर सहमति जताई है, तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका होगा। उन्होंने कहा कि भारत के किसानों, छोटे उद्योगों और विनिर्माण क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने की कीमत पर अमेरिका से व्यापारिक संबंध बनाए रखना राष्ट्रीय हित के खिलाफ होगा।
कांग्रेस ने सौदे को बताया 'भारत का अपमान'
इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को भारत के लिए "अपमानजनक" करार दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने उनके दबाव के कारण टैरिफ कम करने पर सहमति जताई है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "डोनाल्ड ट्रंप का यह कहना कि भारत ने उनके दबाव के कारण टैरिफ कम करने के लिए सहमति दी है, यह सीधे तौर पर भारत का अपमान है। यह बेहद गंभीर मुद्दा है। आखिर मोदी सरकार ने ट्रंप के सामने घुटने क्यों टेके? और भारत के किसानों और उद्योगपतियों के साथ इस तरह का समझौता क्यों किया?"
कांग्रेस ने आगे कहा कि यदि ट्रंप का यह दावा सही है कि भारत टैरिफ कम करने के लिए सहमत हो गया है, तो यह भारत के आर्थिक संप्रभुता पर सीधा हमला है। पार्टी ने केंद्र सरकार से तुरंत जवाब देने और संसद के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा करने की मांग की।
कांग्रेस ने आगे लिखा, "मोदी सरकार को इस मुद्दे पर देश को पूरी तरह विश्वास में लेना चाहिए। यह सिर्फ एक व्यापारिक मामला नहीं है, बल्कि यह देश के आर्थिक हितों और किसानों के भविष्य का सवाल है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उसने ट्रंप के दबाव में टैरिफ कटौती पर सहमति जताई है?"
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