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'कोलंबिया ने दिखाया साहस, भारत कब दिखाएगा?', कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला

सुरजेवाला ने सरकार से पहला सवाल किया कि क्या वह यह जानती थी कि 5 फरवरी को 104 भारतीयों को अमानवीय तरीके से हाथों में हथकड़ी और पैरों में जंजीर पहनाकर एक विमान |

'कोलंबिया ने दिखाया साहस, भारत कब दिखाएगा?', कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला
फोटो: Colombia showed courage, India, Colombia, Congress,
अमेरिका से 104 अवैध प्रवासी भारतीयों को जबरन भारत भेजे जाने के मुद्दे पर राज्यसभा में विपक्ष ने केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी और सरकार से चार अहम सवालों के जवाब मांगे। उन्होंने कहा कि यह राजनीति से ऊपर उठकर सोचने का समय है क्योंकि इस घटना ने 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई है। अमेरिका से लौटे भारतीयों के सपने चकनाचूर हो गए हैं, उनके हाथों में बेड़ियां डाली गईं, पैरों में जंजीरें पहनाई गईं और उनके स्वाभिमान को आघात पहुंचाया गया।

सुरजेवाला ने सरकार से पहला सवाल किया कि क्या वह यह जानती थी कि 5 फरवरी को 104 भारतीयों को अमानवीय तरीके से हाथों में हथकड़ी और पैरों में जंजीर पहनाकर एक विमान में वापस भेज दिया गया, जिसमें केवल एक टॉयलेट था? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मसले पर चुप्पी साधे बैठी रही, जबकि अमेरिका भारतीयों को अपमानजनक तरीके से देश से निकालने की योजना बना रहा है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि क्या यह भारतीय नागरिकों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार नहीं था? कांग्रेस सांसद ने दूसरा सवाल उठाते हुए पूछा कि कितने भारतीय इस समय अमेरिका के डिटेंशन सेंटर्स में अमानवीय हालात में बंद हैं? उन्होंने जानना चाहा कि क्या सरकार ने इन भारतीयों की स्थिति का संज्ञान लिया है और क्या उन्हें वाणिज्य दूतावास से कोई सहायता या काउंसलर एक्सेस दिया गया है?

तीसरे सवाल में सुरजेवाला ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि "अबकी बार ट्रंप सरकार" और "नमस्ते ट्रंप" जैसे कार्यक्रमों पर 100 करोड़ रुपये खर्च करने वाली सरकार को यह समझना चाहिए कि ये लाखों लोग विदेश जाने को मजबूर क्यों हुए? उन्होंने कहा कि ये लोग अपनी जमीन, गहने और घर गिरवी रखकर अमेरिका पहुंचे, क्योंकि सरकार दो करोड़ रोजगार देने का वादा तो कर पाई, लेकिन उसे निभाने में पूरी तरह विफल रही। आखिरी सवाल में सुरजेवाला ने कोलंबिया का उदाहरण देते हुए सरकार से पूछा कि जब एक छोटा सा देश अमेरिका के सामने आंखें दिखाकर अपने नागरिकों के सम्मान की रक्षा कर सकता है, तो भारत क्यों नहीं कर सकता?

उन्होंने कहा कि कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने अमेरिकी सेना की दो फ्लाइट्स को अपने देश में उतरने से मना कर दिया था क्योंकि उनमें अवैध कोलंबियाई प्रवासी भरे थे। राष्ट्रपति पेट्रो ने स्पष्ट किया कि उनके नागरिकों के साथ अपराधियों की तरह व्यवहार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अमेरिका से मांग की कि कोलंबियाई नागरिकों को सिविल विमानों में सम्मानजनक तरीके से भेजा जाए। इतना ही नहीं, कोलंबिया ने अपने प्रवासियों को वापस लाने के लिए विशेष प्रेसिडेंशियल विमान भेजने का ऐलान किया और कहा कि वे अपने नागरिकों को गरिमा के साथ वापस लाएंगे। सुरजेवाला ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जब कोलंबिया जैसा छोटा देश अपने नागरिकों के सम्मान के लिए अमेरिका के खिलाफ खड़ा हो सकता है, तो भारत सरकार चुप क्यों बैठी है? उन्होंने सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि क्या भारतीयों के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त किया जाएगा या फिर सरकार उनके सम्मान की रक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाएगी?

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