मुख्यमंत्री की माफी और भविष्य की उम्मीद
बीरेन सिंह ने कहा, “मुझे लोगों के जान गंवाने और अपनों को खोने का गहरा दुख है। इसके लिए मैं माफी मांगता हूं। पिछले तीन-चार महीनों में शांति की कुछ प्रगति देखने के बाद मुझे उम्मीद है कि नया साल, 2025, मणिपुर में सामान्य स्थिति और शांति लेकर आएगा।” उन्होंने राज्य के सभी समुदायों से अपील की कि जो भी घटनाएं हो चुकी हैं, अब उन्हें भूलकर एक नई शुरुआत करें और एक साथ मिलकर मणिपुर को शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाएं।
मणिपुर में हिंसा की पृष्ठभूमि
मणिपुर में मई 2023 से जातीय हिंसा का दौर चल रहा है, जो मुख्य रूप से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हुआ। यह हिंसा तब शुरू हुई जब मणिपुर उच्च न्यायालय ने आदिवासी छात्रों संघ (ATSUM) को मणिपुरी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) सूची में शामिल करने की अनुशंसा करने के लिए कहा था। इसके बाद से राज्य में हिंसा की घटनाओं में तेजी आई, जिससे 200 से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोग अपने घरों से बेघर हो गए।
नवंबर 2023 में जिरीबाम में तीन महिलाओं और उनके बच्चों की हत्या के बाद हिंसा और भी भड़क गई, जिससे राज्य में स्थिति और भी बिगड़ गई। इस घटनाक्रम के चलते बीरेन सिंह सरकार पर दबाव बढ़ गया और एनडीए सहयोगी दल, एनपीपी ने भी मणिपुर सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया। एनपीपी ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग की थी।
मुख्यमंत्री के खिलाफ दबाव
मणिपुर में लगातार हो रही हिंसा और मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के नेतृत्व में सरकार के असमर्थता के कारण विपक्ष और जनता की ओर से उनकी पद से हटाने की मांग उठ रही है। बावजूद इसके, मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से माफी मांगते हुए शांति की दिशा में काम करने का वादा किया है।
Read This Also:- बांसुरी स्वराज ने केजरीवाल के वादों पर किया तंज, कहा- 'घुम्मन घेरी' के जरिए झांसा दे रहे पूर्व सीएम
Read This Also:- बांसुरी स्वराज ने केजरीवाल के वादों पर किया तंज, कहा- 'घुम्मन घेरी' के जरिए झांसा दे रहे पूर्व सीएम





