राजस्थान के सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने जयपुर पुलिस कमिश्नर से बातचीत कर मूर्ति खंडित करने वाले असामाजिक तत्वों को जल्द गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा, "वीर तेजाजी में लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था है और इस तरह की घटनाएं समाज की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री विष्णु शर्मा ने बताया कि यह मंदिर वर्षों पुराना है और हिंदू समाज की आस्था का केंद्र है। हर वर्ष यहां बड़े मेले का आयोजन किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर मूर्ति खंडित की, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "जब तक पुलिस प्रशासन दोषियों की गिरफ्तारी का ठोस आश्वासन नहीं देता, तब तक हम सड़क पर डटे रहेंगे। हमने प्रशासन को 12 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, और पुलिस ने भी इसी अवधि में कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।"
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जयपुर पुलिस के अनुसार, मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
एसपी तेजस्विनी गौतम ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, "जो भी इस कृत्य में शामिल है, उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। हम पहले आरोपियों को पकड़ने पर फोकस कर रहे हैं, इसलिए सभी लोग धरनास्थल से हटें।" उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वीर तेजाजी की नई प्रतिमा जल्द स्थापित की जाएगी। घटना के विरोध में सांगानेर क्षेत्र में कई संगठनों ने प्रदर्शन किया, जिससे प्रताप नगर सेक्टर-3 के बाजार बंद रहे। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सांगानेर पुलिया और पिंजरापोल गौशाला के पास से ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया है।
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