प्रदर्शन से पहले भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी
भाजपा ने TASMAC में कथित ₹1,000 करोड़ के वित्तीय घोटाले के खिलाफ चेन्नई के एग्मोर स्थित मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया छापेमारी के बाद यह प्रदर्शन सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा था।
सोमवार सुबह पुलिस ने अक्कराई स्थित आवास से निकलते ही के. अन्नामलाई को हिरासत में ले लिया। उन्हें घर से महज एक किलोमीटर दूर रोककर पुलिस वाहन में बिठाया गया और एग्मोर विरोध स्थल तक पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया।
इसी तरह, सुश्री तमिलिसाई सुंदरराजन को उस समय हिरासत में ले लिया गया जब वे अपने समर्थकों के साथ सालिग्रामम स्थित अपने घर से प्रदर्शन में शामिल होने के लिए निकल रही थीं। पुलिस ने उनके घर की घेराबंदी कर रखी थी और बाहर निकलते ही उन्हें रोक लिया गया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई।
पुलिस कार्रवाई के खिलाफ भाजपा का आक्रोश
राज्य सरकार की इस कार्रवाई पर तमिलनाडु भाजपा प्रमुख के. अन्नामलाई ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा—
"क्या इसलिए कि हमने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन की तारीख़ पहले ही घोषित कर दी, आप (सरकार) इस तरह की कायरतापूर्ण कार्रवाई कर रहे हैं? अगर हम अचानक बिना पूर्व घोषणा के प्रदर्शन शुरू कर दें, तो आप क्या कर सकते हैं?"
इसके अलावा, भाजपा के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी राज्यभर में हिरासत में लिया गया।
भाजपा पदाधिकारी विनोज पी. सेल्वम को टी. नगर में गिरफ्तार किया गया, जबकि तारामणि में एक अन्य समूह को भी हिरासत में लिया गया। राजरथिनम स्टेडियम में एकत्रित भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया, जब वे एग्मोर स्थित TASMAC मुख्यालय की ओर बढ़ने की योजना बना रहे थे। पुलिस और भाजपा समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की घटनाएं सामने आईं।भाजपा नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का प्रयास कर रही है। पार्टी ने दावा किया कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने के लिए बलपूर्वक कार्रवाई कर रही है।
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