इस अवसर पर वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग सत्ता में आने से पहले दिल्ली को 'साफ-सुथरा' बनाने का वादा कर रहे थे, उन्होंने एमसीडी में भी भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जो लोग कहते थे कि हमें एमसीडी दे दो, हम दिल्ली को चमका देंगे, आज वही लोग भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हुए हैं और जनता को जवाब देने से कतरा रहे हैं।”
सचदेवा ने आम आदमी पार्टी की ओर से मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में कोई उम्मीदवार नहीं उतारने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'आप' को अब पता है कि उनके पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, और शायद इसी कारणवश वह चुनावी मैदान से भाग रही है।
उल्लेखनीय है कि मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि सोमवार थी। कुछ ही घंटे पहले, आम आदमी पार्टी की तरफ से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें पार्टी नेताओं सौरभ भारद्वाज और आतिशी ने मेयर चुनाव के लिए किसी भी उम्मीदवार को न उतारने की घोषणा की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह सत्ता हथियाने के लिए 'आप' के पार्षदों को डरा-धमकाकर, या लालच देकर तोड़ने की कोशिश कर रही थी।
चूंकि आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं, इसलिए अब बीजेपी के उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुसार, मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव 25 अप्रैल को प्रस्तावित है, लेकिन एक ही उम्मीदवार होने की स्थिति में यह चुनाव प्रक्रिया प्रतीकात्मक रह जाएगी। दिल्ली नगर निगम के मेयर चुनाव में बहुमत के लिए किसी भी पार्टी को 132 वोटों की आवश्यकता होती है। इस बार का गणित बीजेपी के पक्ष में झुका हुआ है। पार्टी के पास नगर निगम पार्षदों के साथ-साथ सांसदों और विधायकों के समर्थन को मिलाकर कुल 135 वोट हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी का कुल संख्या बल 119 के आसपास सिमट कर रह गया है।





