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अरुणाचल में बीजेपी तो सिक्किम में एसकेएम ने जीता विधानसभा चुनाव

अरुणाचल में बीजेपी तो सिक्किम में एसकेएम ने जीता विधानसभा चुनाव
फोटो: अरुणाचल में बीजेपी तो सिक्किम में एसकेएम ने जीता विधानसभा चुनाव
लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले रविवार को उत्तर पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम विधानसभा चुनाव के नतीजों का ऐलान हो चुका है। अरुणाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने पूर्ण बहुमत से साथ लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है। वहीं सिक्किम में सत्ताधारी सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) एक बार फिर से सरकार बनाने जा रही हैं। दोनों राज्यों में 19 अप्रैल को एक चरण में मतदान हुआ था।


किसको कितनी सीट मिली


अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में विधानसभा चुनावों के लिए वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है। 60 विधानसभा सीटों वाले अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी ने 46 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है। वही नेशनल पीपल्स पार्टी(एनपीपी) को पांच, कांग्रेस को एक और अन्य को 8 सीटें मिली हैं। अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी और एनपीपी का गठबंधन है, इस लिहाज से यहां एनडीए को 51 सीट मिली है।



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वहीं 32 विधानसभा सीट वाले सिक्किम में सत्ताधारी एसकेएम को 31 सीटें और विपक्षी पार्टी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट केवल एक सीट पर सिमट गई। सिक्किम में भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया भी चुनाव हार गए। 1994 से 2019 तक सत्ता में रहने वाली पार्टी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के मुख्यमंत्री रहे पवन कुमार चामलिंग ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और वे दोनों ही हार गए। सिक्किम में बीजेपी और कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल सकी। 2019 के विधानसभा चुनाव में एसकेएम ने बीजेपी से मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार एसकेएम ने बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने से मन कर दिया था।



जीत की वजह 


अरुणाचल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर नानी बाथ कहते हैं, “अरुणाचल में कोई भी विपक्ष नहीं रहना चाहता है। जब केंद्र में बीजेपी की सरकार रहेगी तब तक यहां के लोग बीजेपी को जिताते रहेंगे। लोगों ने कांग्रेस को वोट इसलिए नहीं दिया, क्योंकि कांग्रेस विपक्ष में है। लोगों का मानना है कि विपक्ष में रहने वाले उम्मीदवार को वोट देकर कोई फायदा नहीं है।”


सिक्किम में एसकेएम की जीत की तीन प्रमुख वजह बताई जा रही हैं। पहली, चुनाव से पहले सिक्किम में युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई और राज्य में मुख्यमंत्री योजनाओं का भी बड़ा असर रहा। दूसरी, देश में पीएम आवास योजना तो है ही, लेकिन सिक्किम में भी मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को घर दिए गए, जिससे जनता में सकारात्मक संदेश गया और तीसरी, चुनाव में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट ने सत्ताधारी एसकेएम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। चुनाव से ठीक पहले जब बाढ़ आई, तो सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के शासन में बनी योजनाओं के अधूरेपन और भ्रष्टाचार के आरोपों की पोल खुल गई। इसका सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट पर नकारात्मक असर पड़ा और जनता ने एसकेएम पर भरोसा जताया।