प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांता मजूमदार ने गुरुवार की शाम को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए इस दावे को सार्वजनिक किया। उनके द्वारा पोस्ट किए गए इस वीडियो में कुछ युवक धार्मिक झंडे हाथ में लिए हुए सड़क पर मार्च करते हुए दिखाई दे रहे हैं, और इसके तुरंत बाद वीडियो में सड़क के किनारे एक टूटी-फूटी दुकान का दृश्य सामने आता है, जो हिंसा का संकेत देता है।
इस घटना के बाद, राज्य के विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, "तुष्टीकरण की नीति को अपनाने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में हिंदुओं के अस्तित्व को जानबूझकर संकट में डाल रही हैं।
मालदा जिले के मोथाबारी क्षेत्र में हिंदुओं की दुकानों को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया, वहां तोड़फोड़ की गई और लूटपाट की घटनाएं हुई हैं। देखिए कि कैसे जिहादी तत्व मुख्य सड़क पर कब्जा जमाकर बेकाबू हो गए हैं और अंधाधुंध तरीके से गाड़ियों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। ममता बनर्जी के इस पुलिसकर्मी को देखें, जो जिहादियों के सामने 'निधिराम सरदार' की तरह हाथ जोड़े खड़ा है, मानो वह उनसे दया की भीख मांग रहा हो! तृणमूल कांग्रेस की सरकार अल्पसंख्यकों को खुश करने की कोशिश में धीरे-धीरे ग्रेटर बांग्लादेश के खतरनाक सपने को साकार करने की दिशा में बढ़ रही है। लेकिन मैंने खुद से यह दृढ़ संकल्प लिया है कि इसका अंत देखे बिना मैं यहां से हटूंगा नहीं। जिस तरह हमने हावड़ा, सेरामपुर, दालखोला, खिदिरपुर, रिशरा और मोमिनपुर में जिहादियों को कानूनी तरीकों से न्याय के कटघरे में खड़ा किया और उन्हें सबक सिखाया, उसी तरह यहां भी हम उन्हें जवाबदेह ठहराएंगे।"
सुवेंदु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रभावशाली और प्रमुख नेता हैं, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के सबसे बड़े चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे को अत्यंत गंभीरता से उठाते हुए राज्यपाल से तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। उन्होंने अपील की है कि राज्यपाल ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार को केंद्रीय सशस्त्र बलों की तैनाती के लिए आवश्यक और सख्त निर्देश जारी करें। अपने पत्र में उन्होंने यह भी विस्तार से उल्लेख किया है कि मोथाबारी और इसके आसपास के क्षेत्रों में हाल के दिनों में तनाव का माहौल तेजी से बढ़ा है, जिसके चलते हिंदू समुदाय के लोग भय और असुरक्षा की भावना से घिरे हुए हैं। अभी तक राज्य सरकार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान या तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मालदा जिला, जो पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में स्थित है, अपनी विविध और मिश्रित आबादी के लिए प्रसिद्ध है, और यहां समय-समय पर सामुदायिक तनाव से जुड़ी घटनाएं और खबरें सुर्खियों में आती रही हैं।





