इसी दौरान जब मीडियाकर्मियों ने विजय शाह की ओर से सेना की महिला अफसर सोफिया कुरैशी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सवाल किया, तो जवाब देते हुए कुलस्ते की जुबान फिसल गई। उन्होंने ‘हमारे आतंकवादी’ शब्द का प्रयोग करते हुए कहा,
“ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने जिस तरह से जवाब दिया है, वह सराहनीय है। हमारे लिए, सेना और अधिकारियों के लिए यह गर्व का विषय है कि पाकिस्तान के हमारे आतंकवादियों को हमारी सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है।” हालांकि कुलस्ते का आशय स्पष्ट रूप से पाकिस्तान के आतंकवादियों की ओर था, लेकिन 'हमारे' शब्द के इस्तेमाल ने विवाद को जन्म दे दिया। वीडियो क्लिप तेज़ी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने तुरंत लपक लिया और भाजपा पर तीखा हमला बोल दिया।
कांग्रेस ने इस बयान को न केवल सेना और शहीदों का अपमान बताया, बल्कि इसे भाजपा की कथित राष्ट्रभक्ति पर भी प्रश्नचिह्न के रूप में प्रस्तुत किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह केवल ‘जुबान फिसलना’ नहीं, बल्कि भाजपा नेताओं की गैर-जिम्मेदाराना सोच और लापरवाही का परिणाम है।
एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, “जब देश सीमा पर युद्ध जैसे हालात झेल रहा है, तब सत्ताधारी पार्टी के नेता ऐसी संवेदनहीन और उलझाऊ भाषा बोल रहे हैं। यह अस्वीकार्य है।”
यह मामला उस वक्त सामने आया है जब भाजपा पहले ही विजय शाह के बयान को लेकर विवादों में घिरी हुई है। शाह ने हाल ही में सेना की ब्रिगेडियर सोफिया कुरैशी के खिलाफ एक बयान में कथित तौर पर उनके धर्म को निशाना बनाया था, जिसे लेकर भी विपक्ष हमलावर है। उसके बाद डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के एक कथित सांप्रदायिक बयान ने भी विवाद को जन्म दिया था।
अब कुलस्ते की बयानबाज़ी ने विपक्ष को एक और मुद्दा थमा दिया है, जिसे वह पूरे राज्य में चुनावी और वैचारिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है।





