Molitics Logo
होम BJP ने AAP पर लगाया स्वास्थ्य विभाग को नज़रअंदाज़ करने का आरोप, 'स्वास्थ्य मॉडल’ पर भी तंज

BJP ने AAP पर लगाया स्वास्थ्य विभाग को नज़रअंदाज़ करने का आरोप, 'स्वास्थ्य मॉडल’ पर भी तंज

दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को आम आदमी पार्टी App सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब दिल्लीवाले संकट |

BJP ने AAP पर लगाया स्वास्थ्य विभाग को नज़रअंदाज़ करने का आरोप, 'स्वास्थ्य मॉडल’ पर भी तंज
फोटो: BJP , AAP
दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब दिल्लीवाले संकट में थे, तब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शराब नीति बनाने में व्यस्त थे, जबकि उन्हें राजधानी के स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान देना चाहिए था। सिरसा ने कहा कि आप सरकार की प्राथमिकताएं गलत थीं और यह बिल्कुल स्पष्ट हो गया है कि केजरीवाल सरकार ने जनता के स्वास्थ्य के मुद्दे को नजरअंदाज किया। मंगलवार शाम को अचानक दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल का निरीक्षण किया, जहां उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं में कई गंभीर खामियां मिलीं। गुप्ता को पता चला कि कोविड-19 महामारी के बाद से अस्पताल में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और पीपीई किट जैसी आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति का उपयोग नहीं किया गया था। 

अस्पताल के निरीक्षण के दौरान, सीएम गुप्ता ने पाया कि कई महत्वपूर्ण मेडिकल उपकरण सीलबंद अवस्था में पड़े हुए थे, जबकि उनका इस्तेमाल महामारी के दौरान मरीजों की जान बचाने के लिए किया जा सकता था। सिरसा ने कहा, "मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को सीलबंद ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और सड़ी हुई पीपीई किट मिलीं, जो कोविड-19 के दौरान लोगों की जान बचा सकती थीं। जब दिल्लीवाले कठिनाइयों का सामना कर रहे थे, तब अरविंद केजरीवाल अपनी शराब नीति बनाने में व्यस्त थे। उन्हें लोगों के स्वास्थ्य की नहीं बल्कि शराब और पैसे की चिंता थी। यह है केजरीवाल सरकार का तथाकथित 'स्वास्थ्य मॉडल', जहां करोड़ों रुपये के मेडिकल उपकरण सिर्फ बर्बाद हो गए।" भा.ज.पा. नेता प्रवीण खंडेलवाल ने भी दिल्ली सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण मेडिकल आपूर्ति का उपयोग करने की बजाय उसे सड़ने के लिए छोड़ दिया गया।

 खंडेलवाल ने कहा, "आप सरकार को दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। अगर इन मेडिकल आपूर्ति का सही तरीके से इस्तेमाल किया गया होता, तो इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता। शायद इसीलिए आप सरकार ने इन उपकरणों को सड़ने दिया। इन सामानों को न्यूनतम लागत पर खरीदा गया था, लेकिन इन्हें कभी वितरित नहीं किया गया। यह कुप्रबंधन और उदासीनता का उदाहरण है।" सीएम रेखा गुप्ता ने जीटीबी अस्पताल का निरीक्षण करते हुए यह भी कहा कि इस जैसे बड़े अस्पताल में एक भी एमआरआई मशीन उपलब्ध नहीं है। सीटी स्कैन की मशीन 12 साल पुरानी है, जबकि इसकी अधिकतम कार्य क्षमता सिर्फ 10 साल की होती है। इसके अलावा, अस्पताल में 40 फीसदी पद खाली पड़े हुए हैं। जहां पर रोजाना छह से सात हजार मरीजों की ओपीडी होती है, वहां केवल 95 आईसीयू बेड उपलब्ध हैं। 

रेखा गुप्ता ने केजरीवाल सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनकी सरकार ने स्वास्थ्य सेवा के ढांचे को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब दिल्ली के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में उपयुक्त चिकित्सा आपूर्ति और उपकरणों की कमी का सामना किया जा रहा है। मुख्यमंत्री गुप्ता ने इस ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है और इसके लिए केजरीवाल सरकार को जनता की भलाई को प्राथमिकता देनी चाहिए।

Read This Also:- AAP का प्रमुख़ चेहरा रहे एसके बग्गा का निधन, दिल्ली के कृष्णा नगर सीट से किरण बेदी को दी थी करारी शिकस्त