कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और पूछा कि वर्ष 2015 में बिहार के लिए घोषित किए गए 1.25 लाख करोड़ रुपये के विशेष पैकेज का क्या हुआ। उन्होंने आरोप लगाया, “मोदी जी सिर्फ वादे करते हैं, जमीन पर कुछ नहीं दिखता। वे झूठ की फैक्टरी चला रहे हैं।” नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट पर प्रतिक्रिया देते हुए खड़गे ने कहा, “यह कांग्रेस पार्टी को निशाना बनाने का प्रयास है। हमारे नेताओं को डराया नहीं जा सकता। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश के लिए बलिदान दिया है, हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि इन संगठनों की नीति और विचारधारा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के कल्याण के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस की सोच समावेशी नहीं बल्कि विभाजनकारी है, जो समाज को जाति, धर्म और वर्ग के आधार पर बाँटने में विश्वास रखती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया, "वे (भाजपा-आरएसएस) गरीबों, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के खिलाफ हैं। उनकी नीतियाँ और कार्यक्रम इन वर्गों के सशक्तिकरण की बजाय उनके शोषण को बढ़ावा देते हैं।" उन्होंने कहा कि ये संगठन समाज की वास्तविक बेहतरी के बारे में नहीं सोच सकते, क्योंकि उनकी विचारधारा लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय की भावना से मेल नहीं खाती।
उन्होंने आगे वक्फ बोर्ड से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए कहा कि संसद में पारित किया गया वक्फ संशोधन अधिनियम भाजपा और आरएसएस की सोच का एक और प्रमाण है। उनके अनुसार, यह कानून अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों को सीमित करने और उनके बीच भय व असुरक्षा का माहौल बनाने की साजिश है। खड़गे ने कहा, "यह अधिनियम न केवल वक्फ संपत्तियों को खतरे में डालता है, बल्कि यह भाजपा-आरएसएस की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वे समाज के विभिन्न समुदायों के बीच अविश्वास पैदा कर सत्ता को बनाए रखना चाहते हैं।"





