विधायक शंकर सिंह ने कहा कि यह हमला उन्हें डराने और जान से मारने की साजिश के तहत किया गया है। उन्होंने इस घटना के लिए जेडीयू विधायक गोपाल मंडल और पूर्व विधायक बीमा भारती को जिम्मेदार ठहराया है।
शंकर सिंह ने कहा:
"चुनाव में मिली हार से बौखलाए बीमा भारती के गुंडों ने मेरे सरकारी आवास के दोनों गेट पर लगे नेम प्लेट को पत्थर से तोड़ दिया। अगर उन्हें मुझसे कोई समस्या है तो खुलकर सामने आएं। मैं 2025 के विधानसभा चुनाव में जरूर लड़ूंगा और उनका सामना करूंगा।"
घटना के वक्त विधायक परिवार समेत बाहर थे
विधायक के अनुसार, घटना के समय वह अपने परिवार के साथ घर से बाहर थे। जब वह लौटे तो मेन गेट पर तोड़फोड़ और नेम प्लेट के क्षतिग्रस्त होने का पता चला। इसके तुरंत बाद उन्होंने सचिवालय थाना में शिकायत दर्ज कराई और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सुरक्षा की मांग की। विधायक ने दावा किया कि नेम प्लेट लगाए जाने के दिन ही जेडीयू विधायक गोपाल मंडल और पूर्व विधायक बीमा भारती ने इस पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी विवाद के बाद उनके सरकारी आवास को निशाना बनाया गया।
उन्होंने कहा:
"जब नेम प्लेट लगाई जा रही थी, तब गोपाल मंडल और बीमा भारती ने इसे लेकर सवाल उठाए थे। और जब मैं घर से बाहर निकला, तो यह तोड़फोड़ की गई। अगर हिम्मत है तो वे खुलकर सामने आएं, मैं किसी से डरने वाला नहीं हूं।"
गोपाल मंडल पर निशाना, सीएम से निष्कासन की मांग
विधायक ने जेडीयू विधायक गोपाल मंडल पर जातिवाद फैलाने और विवादित बयान देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा:
"गोपाल मंडल हमेशा जातिवादी बयानबाजी करते हैं और कई बार जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे नेता विधायक बनने के लायक नहीं हैं।"
इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से गोपाल मंडल को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की।
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