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Bihar: कांग्रेस की ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ पदयात्रा, कन्हैया बोले- ‘बिहार कोई नहीं आता, और हम हनीमून मनाने तक बाहर जाते है।’

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है और एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश में पलायन रोको |

Bihar: कांग्रेस की ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ पदयात्रा, कन्हैया बोले- ‘बिहार कोई नहीं आता, और हम हनीमून मनाने तक बाहर जाते है।’
फोटो: Bihar: कांग्रेस की ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ पदयात्रा, कन्हैया बोले- ‘बिहार कोई नहीं आता, और हम हनीमून मनाने तक बाहर जाते है।’
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है और एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश में "पलायन रोको, नौकरी दो" पदयात्रा की शुरुआत की है। इस पदयात्रा का शुभारंभ पश्चिम चंपारण के भितिहरवा स्थित गांधी आश्रम से किया गया। पदयात्रा की अगुआई एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार कर रहे हैं। पहले दिन पदयात्रा में कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह, विधायक, नेता और पार्टी कार्यकर्ताओं का जमावड़ा था। पदयात्रा के शुभारंभ के समय कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार को कठघरे में खड़ा किया और राज्य में रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए।

 कन्हैया कुमार ने अपनी बातों में बिहार के पलायन की समस्या को प्रमुखता से उठाया और कहा कि बिहार के लोग हनीमून मनाने के लिए भी राज्य से बाहर जाते हैं, जबकि अन्य राज्यों के लोग यहां के खेतों में काम करने के लिए नहीं आते। उन्होंने यह भी कहा, "हमारे राज्य में कोई नहीं आता, लेकिन बिहार के लोग हनीमून मनाने के लिए भी बाहर जाते हैं। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, यूपी और अन्य राज्यों के लोग हमारे राज्य में खेतों में काम नहीं करते, लेकिन हमारे लोग इन राज्यों में जाकर मजदूरी करते हैं। यह बिहार का सबसे बड़ा मुद्दा है, पलायन।" कन्हैया ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार के युवाओं को गुमराह करने के लिए राजनीति और चुनावों से पलायन के मुद्दे को जानबूझकर नजरअंदाज किया जाता है।

 कन्हैया कुमार ने अस्थायी कर्मचारियों की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि उन्हें पेंशन का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि जब विधायकों और मंत्रियों को पेंशन मिल सकती है, तो फिर अस्थायी कर्मचारियों को क्यों नहीं? उन्होंने "डबल इंजन सरकार" पर भी हमला किया और कहा कि बिहार में न तो स्थायी नौकरियां हैं, न ही शिक्षा और न ही सुरक्षा की स्थिति ठीक है। कन्हैया ने कहा, "यहां सड़कें ठीक से नहीं हैं, अस्पतालों की हालत भी खराब है, और लोगों को स्थायी नौकरी नहीं मिल रही। अधिकांश नौकरियां ठेके पर दी जा रही हैं।" इसके कारण राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए मजबूरन पलायन करना पड़ रहा है। कन्हैया ने बिहार में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि लूट, हत्या और अपराध की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं, और सरकार इन घटनाओं पर काबू पाने में असमर्थ साबित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में हनीमून मनाने के लिए कोई आकर्षक स्थल नहीं है, जिसके कारण युवा राज्य से बाहर जाने को मजबूर हैं। कन्हैया ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को उठाकर बिहार के विकास और समृद्धि की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। भारतीय युवा कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई इस पदयात्रा के दौरान कन्हैया कुमार ने गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य बिहार में बढ़ती बेरोजगारी और पलायन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाना है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस पदयात्रा से जुड़ें ताकि इस आंदोलन को और मजबूती मिल सके।

 पदयात्रा दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई और भितिहरवा गांधी आश्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए राष्ट्रगीत गाया गया और झंडे को सलामी दी गई। पदयात्रा 22 मार्च को पटना के सदाकत आश्रम में समाप्त होगी। यह यात्रा विभिन्न प्रमुख स्थानों जैसे नरकटियागंज, बेतिया, मोतिहारी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, और वैशाली से गुजरते हुए पटना पहुंचेगी। इस यात्रा के माध्यम से कांग्रेस पार्टी बिहार के लोगों को यह संदेश देना चाहती है कि सरकार की नीतियों के कारण राज्य में बेरोजगारी और पलायन की समस्याएं विकराल रूप ले चुकी हैं, और समय आ गया है कि इन मुद्दों पर गंभीर ध्यान दिया जाए।

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