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Bihar Budget 2025: विधानसभा में बजट पेश होने से पहले ही विपक्ष का ज़ोरदार हंगामा, अपनी मांगों पर अड़े

आज बिहार में बजट पेश किया जाएगा, जो वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। यह बजट नीतीश कुमार की मौजूदा सरकार का होगा, |

Bihar Budget 2025: विधानसभा में बजट पेश होने से पहले ही विपक्ष का ज़ोरदार हंगामा, अपनी मांगों पर अड़े
फोटो: Bihar Budget 2025
आज बिहार में बजट पेश किया जाएगा, जो वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। यह बजट नीतीश कुमार की मौजूदा सरकार का होगा, और इस बार बजट का आकार तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। इस बजट में विशेष रूप से आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कई लोक लुभावन योजनाओं की घोषणा की जा सकती है। बिहार सरकार की योजना है कि इस बजट में गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए कई राहत योजनाएं पेश की जाएं। विधानसभा सत्र की कार्यवाही दो दिनों की छुट्टी के बाद सोमवार को फिर से शुरू हो रही है, और आज बजट सत्र का प्रमुख एजेंडा है। इस बीच, विपक्षी दलों के नेताओं ने विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इनमें राजद, वामपंथी दलों और कांग्रेस के विधायकों ने हाथ में तख्तियां ले कर सरकार से कई प्रमुख मांगें कीं और अपने समर्थन में नारे लगाए। 

RJD के विधायकों ने इस मौके पर यह दावा किया कि यह एनडीए सरकार का आखिरी बजट होगा, और अगले साल से तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी, जो अगला बजट प्रस्तुत करेंगे। राजद विधायक मुकेश कुमार रौशन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार को इस अंतिम बजट में बिहार की जनता के हित में बड़े फैसले लेने चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से विधवा पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये करने, बुजुर्गों की पेंशन में वृद्धि करने, और महिलाओं के लिए तेजस्वी यादव की माई-बहिन योजना के तहत हर महीने 2500 रुपये देने की घोषणा की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने और रसोई गैस सिलेंडर को 500 रुपये में उपलब्ध कराने की भी अपील की। उनका कहना था कि यदि इन मुद्दों पर सरकार कोई कदम नहीं उठाती है तो उसे सत्ता छोड़ देनी चाहिए। राजद विधायक रणविजय ने अपनी बात को और आगे बढ़ाते हुए कहा कि अगर सरकार विधवा और विकलांग पेंशन में बढ़ोतरी नहीं करती तो उसे राज्य की जनता के बीच अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में एनडीए के 20 साल के शासन के बाद यह बजट पेश किया जा रहा है और यह बिहार की जनता के लिए निर्णायक साबित होगा। इसके बाद अगले साल से तेजस्वी यादव की सरकार बनेगी, जो कि राज्य की नई दिशा तय करेगी। 

 विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि बिहार में अब कोई प्रभावी सरकार नहीं रह गई है, और राज्य में अराजकता का माहौल बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में व्यापक भ्रष्टाचार फैला हुआ है, और महागठबंधन के नेता जनहित के सभी मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए एकजुट हैं। उनका कहना था कि बिहार में अराजकता को और नहीं बढ़ने दिया जाएगा, और वे हर कदम पर सरकार का विरोध करेंगे। रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सरकार से कई प्रमुख मांगें रखी थीं। उन्होंने बजट को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि यह बजट केवल एक राजनीतिक खेल हो सकता है, जिसका उद्देश्य आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए वोटों को आकर्षित करना है, लेकिन जनता के वास्तविक मुद्दों को हल करने के लिए इसमें कोई ठोस उपाय नहीं हो सकता।

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