प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम के दौरान सहरसा-एलटीटी अमृत भारत एक्सप्रेस और जयनगर-पटना नमो भारत रैपिड रेल का भी उद्घाटन करेंगे। इस ऐतिहासिक समारोह में देशभर से लगभग 26 हजार पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति अपेक्षित है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की मजबूती और जमीनी स्तर पर शासन की भागीदारी को दर्शाता है। प्रधानमंत्री दो लाख स्वयंसहायता समूहों को 930 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान करेंगे, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी। इसके अलावा वे बिजली क्षेत्र की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए 1,170 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और 5,030 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी गोपालगंज के हथुआ में 340 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रेल अनलोडिंग सुविधा युक्त एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की आधारशिला रखेंगे, जो क्षेत्रीय विकास के लिए एक बड़ी पहल मानी जा रही है। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी बिहार के 13 लाख 24 हजार गरीब परिवारों को पक्के मकानों की चाबियाँ सौंपेंगे, जिससे इन परिवारों के जीवन में स्थायित्व और गरिमा का संचार होगा। साथ ही वे चार नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे, जिनमें सहरसा और मुंबई के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस, जयनगर और पटना के बीच नमो भारत रैपिड रेल, तथा पिपरा-सहरसा और सहरसा-समस्तीपुर मार्ग पर दो अन्य ट्रेनें शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री सुपौल-पिपरा रेल लाइन, हसनपुर-बिथान रेल लाइन और छपरा व बगहा में दो लेन वाले रेल ओवर ब्रिज का भी उद्घाटन करेंगे। वहीं, खगड़िया-अलौली रेल लाइन को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।
यह दौरा सिर्फ विकास योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री की उस प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है, जिसमें वे समावेशी विकास, महिलाओं का सशक्तिकरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से 'नए भारत' की कल्पना को साकार करने में लगे हैं।
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