अदालत ने आरजेडी प्रमुख की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मामला पहले से ही स्पेशल जज की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को ट्रायल कोर्ट में अपनी दलील रखने की पूरी स्वतंत्रता है और फिलहाल मामले में दखल देने की कोई ठोस वजह नहीं है। ऐसे में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने से इंकार कर दिया गया।
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि 2004 से 2009 के बीच रेलवे विभाग में ग्रुप डी की नौकरियों के बदले लालू प्रसाद यादव ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीनों का ट्रांसफर कर आर्थिक लाभ कमाया। यह ट्रांसफर उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, साथ ही दो बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव के नाम हुआ।
सीबीआई ने यह भी कहा कि जिन उम्मीदवारों को नौकरी दी गई, उनके दस्तावेजों में गड़बड़ियां पाई गई हैं।
इस मामले में सीबीआई ने कुल 30 सरकारी अधिकारियों समेत 78 लोगों को नामजद किया है। मई 2022 में लालू यादव, उनके बेटे, बेटियों और राबड़ी देवी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। वहीं, पिछले साल सितंबर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लालू पर मुकदमा चलाने की मंजूरी भी दी थी।





