शुक्रवार को कंपनी बाग के कंपोजिट विद्यालय के पास स्थित दोनों भवनों को खाली करवाया गया, जहां नगर निगम के अधिकारियों ने संपत्ति पर पेंट से "नगर निगम की संपत्ति" अंकित कर दिया, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि यह अब नगर निगम के कब्जे में है। अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले इन भवनों के आवंटियों को नोटिस भेजा जा चुका था, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो नगर निगम को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा।
कंपनी बाग स्थित इन दो भवनों में से एक भवन सपा विधायक समरपाल सिंह के नाम पर था, जबकि दूसरा एलडी चतुर्वेदी के नाम पर था। इन दोनों भवनों का अलॉटमेंट 15 साल पहले किया गया था, और अब उस अलॉटमेंट की अवधि समाप्त हो गई थी।
इस संबंध में नगर निगम ने पहले ही आवंटियों को नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्हें भवन खाली करने का निर्देश दिया गया था। बावजूद इसके, जब भवन खाली नहीं किए गए, तो नगर निगम ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए इन भवनों का कब्जा लेकर उन्हें खाली करवा लिया।
नगर निगम की टीम ने यह कार्रवाई नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल के आदेश पर की, जिन्होंने नगर निगम की भूमि को कब्जा मुक्त कराने का अभियान चला रखा है। इस अभियान के तहत पिछले आठ महीनों में नगर निगम ने करीब 9 अरब रुपये की संपत्ति को कब्जा मुक्त कराया है, जिसमें बड़ी संख्या में प्राइम लोकेशन की भूमि भी शामिल है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से नियमानुसार की गई है, और उनका उद्देश्य है कि भविष्य में इन भूमि क्षेत्रों पर विकास की परियोजनाओं को लागू किया जा सके। इन परियोजनाओं से शहर का विकास होगा और नगर निगम को भी फायदा होगा।
Read This Also:- UP: पल्लवी पटेल और आशीष पटेल के बीच विवाद में CM योगी की एंट्री,मंत्री को बुलाकर दे डाली नसीहत
Read This Also:- UP: पल्लवी पटेल और आशीष पटेल के बीच विवाद में CM योगी की एंट्री,मंत्री को बुलाकर दे डाली नसीहत





