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Delhi विधानसभा अध्यक्ष की बड़ी कार्रवाई, AAP के 21 विधायक को तीन दिनों के लिए किया निष्कासित, अमानतुल्लाह खान बच गए

दिल्ली विधानसभा सत्र के दूसरे दिन आज काफी हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री कार्यालय से भीमराव बाबा साहेब आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटाए जाने को लेकर आम आदमी |

Delhi विधानसभा अध्यक्ष की बड़ी कार्रवाई, AAP के 21 विधायक को तीन दिनों के लिए किया निष्कासित, अमानतुल्लाह खान बच गए
फोटो: Amanatullah Khan, Delhi Assembly, AAP MLAs
दिल्ली विधानसभा सत्र के दूसरे दिन आज काफी हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री कार्यालय से भीमराव बाबा साहेब आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटाए जाने को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने जोरदार नारेबाजी की। यह नारेबाजी उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के अभिभाषण के दौरान भी जारी रही। इस वजह से विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों को सस्पेंड कर दिया। बाद में एक और बड़ा कदम उठाते हुए, आम आदमी पार्टी के 22 विधायकों में से 21 को अगले तीन दिन, यानी 25, 27 और 28 फरवरी के लिए निष्कासित कर दिया गया। इनमें से केवल अमानतुल्लाह खान को छोड़ दिया गया, क्योंकि वह उस समय सदन में उपस्थित नहीं थे। आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को निष्कासित करने का प्रस्ताव भाजपा के विधायक प्रवेश वर्मा ने रखा था, जिसे ध्वनिमत से सदन में स्वीकार कर लिया गया।

 दरअसल, उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के अभिभाषण के दौरान आप विधायकों द्वारा हंगामा किए जाने के कारण कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सदन में एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसमें कहा गया कि अमर्यादित व्यवहार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। विधायक अभय वर्मा ने इसका समर्थन करते हुए कहा कि इन विधायकों को तीन दिन के लिए निलंबित किया जाना चाहिए। इसके बाद, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और 21 विधायकों के निलंबन का निर्णय लिया। इससे पहले, मंगलवार को दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के अभिभाषण के दौरान नारेबाजी करने के आरोप में आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी सहित 12 विधायकों को दिनभर के लिए सदन से निलंबित कर दिया था। इन निलंबित विधायकों में आतिशी, गोपाल राय, वीर सिंह धींगान, मुकेश अहलावत, चौधरी जुबैर अहमद, अनिल झा, विषेश रवि और जरनैल सिंह शामिल थे। 

 आतिशी ने इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री कार्यालय से बाबा साहेब आंबेडकर की तस्वीर को हटाकर उनका अपमान किया है। उन्होंने कहा, "भा.ज.पा. ने बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर हटाकर अपना असली रंग दिखा दिया है। क्या भाजपा यह मानती है कि नरेंद्र मोदी बाबासाहेब आंबेडकर की जगह ले सकते हैं?" आतिशी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि भाजपा हिंदू धर्म और उसकी आस्था का राजनीति में इस्तेमाल कर रही है, लेकिन उसके पास किसी भी धार्मिक परंपरा या सांस्कृतिक धरोहर की कोई वास्तविक समझ नहीं है। आम आदमी पार्टी के विधायकों का कहना था कि भाजपा ने जानबूझकर यह कदम उठाया है, ताकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार को अपमानित किया जा सके और उनके द्वारा की गई समाजिक और धार्मिक पहलों को नकारा जा सके। इस नारेबाजी और विरोध के बावजूद, भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच एक नया राजनीतिक संघर्ष उभरता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही दिल्ली विधानसभा के इस सत्र ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।

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