वहीं, उनके पिता आजम खान को सीतापुर जेल में रखा गया था। हालांकि, उनकी मां तजीन फात्मा को जमानत मिलने के बाद रिहा कर दिया गया था, जबकि अब्दुल्ला आजम खान मंगलवार को सलाखों से बाहर आए।
अब्दुल्ला आजम के वकील नासिर सुल्तान ने मीडिया को जानकारी दी कि अदालत ने कुछ दिन पहले उनकी जमानत मंजूर की थी, लेकिन जमानतियों का सत्यापन और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सोमवार को रिहाई का आदेश जारी किया गया था।
मंगलवार को अब्दुल्ला आजम की रिहाई हुई। अब्दुल्ला की रिहाई की खबर से उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है, और उनके समर्थक जेल से बाहर आने के बाद उनका स्वागत करने के लिए उमड़ पड़े।
हालांकि, अदालत ने अब्दुल्ला आजम की जमानत के साथ कुछ शर्तें भी लगाई हैं। अदालत ने कहा है कि वह बिना न्यायालय की अनुमति के देश नहीं छोड़ सकते। इसके अलावा, उन्हें अदालत की हर सुनवाई पर पेश होना होगा और गवाहों से छेड़छाड़ नहीं करनी होगी। अदालत ने यह भी कहा है कि उन्हें विचारण प्रक्रिया में पूरी तरह से सहयोग करना होगा।
इस बीच, शत्रु संपत्ति को लेकर एक और मामला सामने आया था, जिसमें आरोप था कि अब्दुल्ला और उनके पिता आजम खान ने शत्रु संपत्ति से संबंधित कानूनों का उल्लंघन किया। हालांकि, रामपुर पुलिस ने बाद में उन्हें इस मामले में क्लीन चिट दे दी थी।
इसके बाद मामले को शासन स्तर पर ले जाया गया, और शासन ने फिर से जांच के आदेश दिए थे। इस मामले की जांच रामपुर के अपराध शाखा के इंस्पेक्टर नवाब सिंह को सौंपी गई थी, जो फिलहाल रामपुर में शहर कोतवाल हैं।
अब्दुल्ला आजम की रिहाई से जुड़ी शर्तें और उनकी जमानत प्रक्रिया के बीच यह मामला अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है, और आगामी दिनों में और भी घटनाक्रम सामने आने की संभावना है।





