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आजम खां और परिवार को मिली स्थायी जमानत, शत्रु संपत्ति मामले में अदालत का फैसला

शत्रु संपत्ति से संबंधित अभिलेखों को खुर्द-बुर्द करने के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आजम खां की पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तजीन फात्मा उनके |

आजम खां और परिवार को मिली स्थायी जमानत, शत्रु संपत्ति मामले में अदालत का फैसला
फोटो: आजम खां और परिवार को मिली स्थायी जमानत, शत्रु संपत्ति मामले में अदालत का फैसला
शत्रु संपत्ति से संबंधित अभिलेखों को खुर्द-बुर्द करने के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आजम खां की पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तजीन फात्मा, उनके बड़े बेटे अदीब आजम और बहन निकहत अफलाक को अदालत ने स्थायी जमानत दे दी है। गुरुवार को तीनों आरोपी अदालत में सुनवाई के लिए पेश हुए, जबकि वे पहले से ही अंतरिम जमानत पर थे। इस मामले की शुरुआत 9 मई 2020 को हुई थी, जब रिकॉर्ड रूम के सहायक अभिलेखपाल मोहम्मद फरीद ने सिविल लाइंस थाने में एक केस दर्ज कराया था। इस केस में आरोप लगाया गया था कि शत्रु संपत्ति से संबंधित अभिलेखों को जानबूझकर नष्ट किया गया था। 19 फरवरी 2021 को आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा, उनके बड़े बेटे अदीब आजम और बहन निकहत अफलाक ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था और इसके साथ ही उन्होंने अंतरिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र भी दाखिल किया था। 

अदालत ने इन तीनों को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया था और फिर नियमित जमानत के लिए आवेदन किया गया था, जिस पर गुरुवार को सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि अदालत में तीनों के जमानत प्रार्थना पत्र पर बहस की गई और दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने स्थायी जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अब तीनों आरोपी स्थायी रूप से जमानत पर हैं और उन्हें आगे इस मामले में अदालत में पेश होने के लिए बुलाया जाएगा। इस बीच, आजम खां के खिलाफ एक और चर्चित मामला सामने आया है। यह मामला 2018 में हुए एक विवाद से जुड़ा है, जब आजम खां ने पूर्व सांसद अमर सिंह के परिवार के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

 इस बयान के बाद अमर सिंह ने लखनऊ के गोमतीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अमर सिंह का आरोप था कि आजम खां ने एक न्यूज चैनल को दिए गए साक्षात्कार में उनके परिवार के बारे में अशोभनीय बातें कही थीं। यह मामला पहले लखनऊ में था, लेकिन बाद में इसे रामपुर स्थानांतरित कर दिया गया। इस मामले की सुनवाई अब 28 मार्च को होने जा रही है। गुरुवार को, समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां से जिला कारागार में तीन नेताओं ने मुलाकात की। 

मुलाकात करने वालों में रामपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र सिंह चौहान, पूर्व महिला आयोग सदस्य बेनजीर उमर और अमरीश पटेल शामिल थे। मुलाकात के दौरान तीनों नेताओं ने जेल मैनुअल के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण किया और एक घंटे तीन मिनट तक आजम खां से बातचीत की। इसके साथ ही रमजान के महीने को देखते हुए उन्होंने रोजे के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री भी आजम खां के लिए भेजी। मुलाकात करने वाले नेताओं ने बताया कि आजम खां का स्वास्थ्य ठीक है, लेकिन उनकी आंखों में समस्या बढ़ गई है। इस मामले में विपक्षी दलों का कहना है कि आजम खां के खिलाफ आरोप राजनीति से प्रेरित हो सकते हैं, जबकि उनका पक्ष यह मानता है कि ये मामले पूरी तरह से कानूनी हैं। इसके बावजूद, इन मामलों ने आजम खां को राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना दिया है। अब देखना यह है कि अदालत इन सभी मामलों में क्या फैसला देती है और आजम खां की राजनीति पर इसका क्या असर होता है।

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