इजरायल: भारत के साथ आतंक के खिलाफ खड़ा है
सबसे पहले प्रतिक्रिया इजरायल की ओर से आई। इजरायली दूतावास और विदेश मंत्री गिडोन सार ने हमले को 'विभत्स' करार देते हुए गहरा शोक जताया। उन्होंने स्पष्ट कहा,
"इजरायल आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है। हम इस हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हैं।" रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर दुख जताया और कहा,
"यह एक अमानवीय अपराध है, जिसे किसी भी हाल में न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता। मैं आशा करता हूं कि दोषियों को जल्द सजा मिलेगी। रूस भारत के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने कहा,
"भारत में हुए इस जघन्य हमले से बहुत दुःख हुआ है। इटली इस दुखद घड़ी में भारत सरकार और पीड़ित परिवारों के साथ है।" भारत में यूक्रेन के दूतावास ने बयान जारी कर कहा,
"हम पहलगाम हमले से अत्यंत व्यथित हैं। हम स्वयं आतंकवाद का सामना करते हैं और जानते हैं कि निर्दोष लोगों की मौत कितनी पीड़ादायक होती है। हम इस हमले की कड़ी निंदा करते हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।"
फ्रांस के भारत स्थित राजदूत ने ट्वीट कर कहा कि उनका देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ है।
अर्जेंटीना के भारत में राजदूत मारियानो कैसियानो ने कहा,
"हम हर प्रकार के आतंकवाद, अतिवाद और कट्टरता की निंदा करते हैं। भारत के साथ खड़े हैं।"
सिंगापुर के दूतावास ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं मानवता के खिलाफ हैं और इन पर कड़ा रुख अपनाना ज़रूरी है।





