अखिलेश यादव ने शुक्रवार रात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की समाधि के संदर्भ में सम्मान की परंपरा का निर्वहन होना चाहिए। इस विषय पर न तो राजनीति की आवश्यकता है और न ही होनी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा, "डॉ. मनमोहन सिंह की समाधि राजघाट पर ही बननी चाहिए। भाजपा अपनी संकीर्ण सोच का अनुचित उदाहरण प्रस्तुत न करे। इतिहास बीजेपी को इसके नकारात्मक दृष्टिकोण के लिए कभी माफ नहीं करेगा।"
वहीं मायावती ने शनिवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए कहा, "केंद्र सरकार को डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार उसी स्थान पर करना चाहिए और उनके परिवार की इच्छाओं के अनुसार स्मारक बनाना चाहिए। इसमें कोई राजनीति करना ठीक नहीं है। अगर केंद्र सरकार उनके परिवार और सिख समाज की भावनाओं का सम्मान करती है, तो यह उचित होगा।"
गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुवार रात निधन हो गया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार रात कहा था कि सरकार डॉ. मनमोहन सिंह के स्मारक के लिए स्थान आवंटित करेगी और इस बारे में उनके परिवार तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सूचित कर दिया गया है।





