वहीं, केंद्रीय मंत्री और आगरा से सांसद एसपी सिंह बघेल ने रामजीलाल सुमन पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने करणी सेना के विरोध प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा, "मैं करणी सेना को नमन करता हूं।"
इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि "अगर एक सांसद के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो सोचिए बहुजन समाज के सामान्य लोगों के साथ कैसा होता होगा।" उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण छीना जा रहा है और बहुजन समाज के लोगों को आगे बढ़ने से रोका जा रहा है, ठीक वैसे ही जैसे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को जीवन भर भेदभाव का सामना करना पड़ा।
रामजीलाल सुमन के समर्थन में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) के साथ मिलकर 90 फीसदी आबादी को एकजुट करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने करणी सेना की आलोचना करते हुए कहा, "वो कोई सेना नहीं, भाजपा समर्थित ट्रूपर हैं। जैसे हिटलर अपने कार्यकर्ताओं को वर्दी पहनाता था और विरोधियों पर हमला करवाता था, वैसे ही यह 'सेना' काम कर रही है।" रामजीलाल सुमन के बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक राजनीतिक संघर्ष का रूप ले चुका है, जिसमें एक ओर करणी सेना और बीजेपी, तो दूसरी ओर समाजवादी पार्टी और बहुजन नेता आमने-सामने आ गए हैं।
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