समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक गोपनीय सरकारी मेमो में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मार्च में एअर इंडिया एक्सप्रेस को सख्त चेतावनी जारी की थी। नियामक की जांच में सामने आया कि AMOS सिस्टम (Aircraft Maintenance and Engineering Operating System) में मरम्मत की झूठी प्रविष्टियाँ की गईं, ताकि यह साबित किया जा सके कि इंजन में आवश्यक बदलाव समय पर किए गए।
जब इस मामले में एयरलाइन से जवाब मांगा गया, तो एअर इंडिया एक्सप्रेस ने रिकॉर्ड में बदलाव की बात स्वीकार की, लेकिन इसे ‘त्रुटि’ बताया और दावा किया कि बाद में सुधार कर लिया गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वास्तविक मरम्मत कब हुई और फर्जी दस्तावेज़ीकरण को लेकर कोई ठोस जवाब भी सामने नहीं आया।
DGCA की फटकार के बाद, कंपनी ने क्वालिटी मैनेजर को हटा दिया और एयरवर्थिनेस मैनेजर को सस्पेंड कर दिया। यह कार्रवाई हालांकि, सवालों के घेरे में है कि क्या यह जवाबदेही तय करने के लिए पर्याप्त कदम है।
यह मामला ऐसे वक्त पर सामने आया है जब टाटा समूह की एयरलाइंस पहले से जांच के घेरे में हैं। 12 जून को अहमदाबाद विमान हादसे में 241 यात्रियों की मौत हुई थी, जो भारत के हालिया इतिहास का सबसे भीषण विमान दुर्घटना था। हालांकि A320 इंजन वाला मामला इससे पहले का है, पर यह नियमों की अनदेखी और ढीले नियंत्रण प्रणाली की ओर इशारा करता है। DGCA ने एअर इंडिया को पहले भी तीन एयरबस विमानों में ओवरड्यू इमरजेंसी स्लाइड चेक न करवाने पर चेताया था। इसके अलावा, पायलट ड्यूटी घंटे के उल्लंघन और क्रू प्रबंधन में खामियों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
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