परिसर की निगरानी के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है, जबकि चार किलोमीटर के दायरे में उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। आम नागरिकों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध है और क्षेत्र में ड्रोन उड़ानों पर भी रोक लगा दी गई है।
यह सुरक्षा कड़ी तब की गई जब लश्कर से जुड़े संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली। हालांकि, भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि हमले की योजना और संचालन की जिम्मेदारी हाफिज सईद ने खुद संभाली थी। यह घटना भारत-पाक संबंधों में एक बार फिर तनाव का कारण बनी है।
हालांकि संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने सईद को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया है और अमेरिका ने उस पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम भी रखा है, फिर भी वह पाकिस्तान में खुलेआम रह रहा है। लाहौर के मध्य में स्थित उसका आवास एक किलाबंद परिसर बन चुका है, जिसमें एक बड़ा आवास, मस्जिद, मदरसा और एक निजी पार्क शामिल है।
इंडिया टुडे के पास मौजूद सैटेलाइट तस्वीरों और वीडियो फुटेज में सईद को आराम की स्थिति में, भारी सुरक्षा के बीच देखा जा सकता है। ये दृश्य इस्लामाबाद के उन दावों का खंडन करते हैं, जिनमें कहा गया था कि सईद आतंकवाद के आरोपों में जेल में है।
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने सईद के घर को तकनीकी रूप से 'उप-जेल' का दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि उसे हिरासत में रहते हुए भी न्यूनतम प्रतिबंधों के साथ संचालन की छूट मिल सके।
गौरतलब है कि 2021 में उसके घर के पास हुए कार बम धमाके और हाल ही में उसके करीबी अबू क़ताल की हत्या के बाद से उसकी सुरक्षा लगातार बढ़ाई जा रही है। अब पहलगाम हमले के बाद एक बार फिर उसकी सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की गई है।





