
दरअसल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को चिट्ठी लिखकर राजस्थान में जातिगत जनगणना कराने की मांग की है।
इससे पहले उदयपुर दौरे के दौरान भी सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने इशारा किया कि अगर कांग्रेस सत्ता में रिपीट करती है तो OBC का आरक्षण बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि "देश में पहले आरक्षण के मामले में 50 फीसदी का बैरियर था, लेकिन केन्द्र के ईडब्ल्यूएस को 10 फीसदी आरक्षण देने के बाद ये बैरियर भी हट गया है।"

OBC वोटरों को खुश करना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि 200 विधानसभा सीट वाले राजस्थान (Rajasthan) में 55 प्रतिशत से भी ज्यादा आबादी OBC की है। ऐसे में सत्ता की चाबी OBC वोटरों के ही पास है। OBC एक पक्ष में हो जाए तो विधानसभा की 135 से ज्यादा सीटें जिता सकती है।
हाल ही में जारी हुई राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (National Backward Classes Commission) की रिपोर्ट में कहा गया है कि राजस्थान में ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने में अनियमितता बरती जा रही है। जिसके बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने गहलोत सरकार पर निशाना साधा और OBC वर्ग से भेदभाव के आरोप लगाए। इसी के बाद बीजेपी आदिवासी क्षेत्रों को ओबीसी वोटरों को साधना चाहती है।

BJP के आरोपों के बाद कांग्रेस (Congress) भी राजस्थान में हमलावर हो गई। और कह रही है कि केंद्र सरकार को जल्द से जल्द जातिगत जनगणना करवानी चाहिए, जिससे की सभी को उनका अधिकार मिल सके।
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