
दरअसल हरियाणा के कुरुक्षेत्र में किसानों सूरजमुखी के न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price of Sunflower) की मांग को लेकर दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे जाम कर दिया था। किसानों को लेकर कुरुक्षेत्र में काफी देर तक जमकर हंगामा होता रहा है। जब किसानों ने हाईवे से हटने से मना कर दिया, तब पुलिस ने किसानों पर बल प्रयोग किया। पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस लाठीचार्ज में कई किसान घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इसके अलावा पुलिस ने कई किसानों पर केस भी दर्ज किया है। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी (Gurnam Singh Chadhuni) भी पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किए गए है। कुरुक्षेत्र में लाठीजार्ज (Lathicharge in Kurukshetra) के बाद किसानों ने जगह-जगह जाम लगाए। हरियाणा के दूसरे जिलों में भी किसान सड़कों पर आए और इस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई का विरोध किया। झज्जर में किसानों ने जाम लगा दिया। इस दौरान किसानों ने सरकार और पुलिस के विरोध में खूब नारेबाजी भी की। वहीं रेवाड़ी में किसानों ने रेवाड़ी-रोहतक हाईवे जाम कर दिया। जिसके बाद भारी संख्या में पहुंची पुलिस ने किसानों ने हाईवे से हटा दिया।

आपको बता दें कि यह पूरा विवाद सूरजमुखी को MSP पर खरीद को लेकर है। किसानों और अधिकारियों के बीच सूरजमुखी को MSP पर खरीदने और भावांतर योजना में ना बेचने को लेकर मीटिंग हुई थी। लेकिन इस बैठक में कोई समाधान नहीं निकल सका, जिसके बाद किसान यूनियन चढूनी ग्रुप (Kisan Union Chadhuni Group) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने 6 जून को शाहबाद में जाम लगाने की चेतावनी दी थी।

किसान नेताओं का आरोप है कि हरियाणा सरकार ने सूरजमुखी को भावांतर योजना में खरीदने का फैसला किया है। जिसके तहत चार हजार आठ सौ रुपए का भाव प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके अलावा भावांतर योजना के तहत किसानों को एक हजार रुपए और दिए जाएंगे। जो कुल मिलाकर पांच हजार आठ सौ रुपए होते हैं। लेकिन MSP पर प्रति क्विंटल दाम छह हजार चार सौ रुपए है और इस कीमत पर सरकार खरीद नहीं कर रही है। जिससे किसान द्वारा नाराजगी जताई जा रही है। ऐसे में MSP के मुद्दे पर आने वाले दिनों में एक बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।
Read More - रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कवच सिस्टम पर सवाल, विपक्ष ने की इस्तीफे की मांग !

