अशोक गहलोत और पायलट आमने सामने -
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट (Congress leader Sachin Pilot) ने 9 अप्रैल को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वह अपने समर्थकों के साथ 11 अप्रैल को महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले (Jyotiba Phule's Birth Anniversary) की जयंती के अवसर पर जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर एक दिन का अनशन करेंगे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि मैंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) को पूर्व CM वसुंधरा राजे (Former CM Vasundhara Raje) के समय हुए घोटालों पर कार्रवाई को लेकर दो बार चिट्ठी लिखी, लेकिन अशोक गहलोत ने कोई एक्शन नहीं लिया।
पूर्व सरकार में हुए भ्रष्टाचार पर उठाई आवाज़ -
वसुंधरा सरकार में हुए भ्रष्टाचार पर कार्रवाई नहीं की गई, जबकि विपक्ष में रहते हुए हमने यह वादा किया था कि जांच कराई जाएगी। साल 2013 में हम सत्ता में आए थे और उसके बाद हमारी सरकार चली गई थी और BJP की सरकार बनी थी। उस वक्त पार्टी आलाकमान ने मुझे प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया और हमने पूरे 5 साल कड़ी मेहनत करके वसुंधरा सरकार के घोटालों को जनता के सामने रखा था। तब हमने जनता से वादा किया हम सत्ता में आए तो वसुंधरा सरकार के घोटालों की जांच कराएंगे, लेकिन साढ़े 4 साल के बाद भी उन घोटालों की कोई जांच शुरू नहीं हो पाई है। चुनाव में महज 6 महीने का समय बचा है तो फिर हम किस मुंह से जनता के बीच जाएंगे।

शीर्ष नेताओं ने नहीं सुनी बात -
सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने कहा कि मैंने पार्टी हाई कमान और शीर्ष नेताओं को भी कई बार इस मामले को लेकर अवगत करवाया है, लेकिन घोटालों पर कार्रवाई सरकार को करनी है, संगठन को नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार लगातार विपक्ष के नेताओं पर ED, CBI और इनकम टैक्स की कार्यवाही कर रही है। वही दुःख इस बात का है कि राजस्थान में हमारी सरकार होते भी वसुंधरा सरकार के घोटालों पर साढ़े 4 साल में कोई कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस के राजस्थान प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा (Rajasthan state in-charge Sukhjinder Singh Randhawa) ने पायलट के इस बग़ावती कदम को गलत करार दिया है। उन्होंने पायलट के आरोपों को खारिज करते हुए यह भी कहा कि उनके सामने कभी भ्रष्टाचार का मुद्दा नहीं उठाया। सचिन पायलट को सार्वजनिक तौर पर इस तरह बात रखने से पहले उनके समक्ष इस मुद्दे को उठाना चाहिए था। यह भी बताया कि पिछले दिनों में पायलट के साथ उनकी 20 से अधिक बैठकें हुए है, लेकिन उन्होंने एक बार भी इसका जिक्र नहीं किया।

कांग्रेस नेताओं के भ्रष्टाचार पर बोल -
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने कहा कि "राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है उनके अगुवाई में कांग्रेस सरकार ने बड़ी संख्या में योजनाओं को लागू किया है, कांग्रेस अपनी उपलब्धियों पर जनता से दुबारा जनादेश मांगेगी।" राजस्थान सरकार में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap Singh Khachariawas) ने कहा कि "सचिन पायलट कांग्रेस के सीनियर लीडर है, कांग्रेस के कोई भी कार्यकर्ता आम नही है पिछली सरकार के भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए।"

इस साल के अंत में राजस्थान में विधानसभा चुनाव (Rajasthan Assembly Elections) होने हैं ऐसे में एक बार फिर कांग्रेस के अंदर कलह देखी जा रही है। सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच चुनाव से कुछ महीने पहले फिर खींचतान शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सचिन पायलट को गद्दार तक बता चुके हैं, अब ऐसे में देखना यह होगा कि क्या कांग्रेस इस बार दोनों के बीच के दूरियों को कम कर मज़बूती से चुनाव में उतरेगी या फिर पायलट चुनेंगे अपनी अलग राह ? यह देखना बाक़ी है।
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