राजस्थान विधानसभा में 10 फरवरी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लगभग 10 मिनट तक बजट को पढ़ा, जिसके बाद मंत्री महेश जोशी ने उन्हें रोकते हुए कहा कि आप पुराना बजट पढ़ रहे हैं। इसके आधार पर सदन की कार्रवाई रोकी गई और दोबारा से सीएम गहलोत ने नया बजट पढ़ना शुरू किया लेकिन इस बीच बीजेपी और विपक्षी पार्टियों के कई लोगों ने सीएम अशोक गहलोत पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। जिसके बाद उन्होंने कहा “कंफ्यूजन हुई थी, मैं ने उस वक्त भी सॉरी फील किया, और अभी भी सॉरी बोल रहा हूं।” वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सीएम गहलोत पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन्हें नए और पूराने बजट में फर्क नहीं पता है, उनके हाथ में राज्य कितना सुरक्षित है, इसे अब बताने की जरूरत नहीं है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी सीएम की इस भूल को लेकर जमकर हंगामा किया। उन्होंने कहा बजट गलत है ये किसी बाहर के व्यक्ति को कैसे पता है, मतलब ये बजट लीक हुआ है, जैसे राजस्थान में पेपर लीक होता। हालांकि सदन में कितना भी हंगामा क्यों ना हुआ हो, लेकिन जादूगर ने अपनी जनत को इस बजट से खुश करने की पूरी कोशिश की है।
बजट की थीम- बचत-राहत और बढ़त
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में आने वाले लगभग 1 करोड़ परिवारों को आगामी वर्ष में मुक्त राशन के साथ-साथ हर महीने अन्नपूर्णा फूट पैकेट देने की घोषणा की गई है। इस पैकेट में एक किलो दाल, चीनी एवं नमक और एक लीटर खाद्य तेल दिया जाएगा, जिसका खर्च लगभग 3000 करोड़ रुपए होगा।
- महिलाओं को आधी कीमत में रोडवेज बस में यात्रा, आटे के साथ-साथ फूड पैकेट, 500 रुपए में सिलेंडर जैसी योजनाओं से मिडिल क्लास के लोगों के खर्चों को कुछ कम करके राहत देने की कोशिश की गई है। इससे प्रदेश कैसे आगे बढ़ेगा? इसे लेकर कोई स्पष्ट और सीधी लाइन नहीं दिखती है। - 100 यूनिट तक फ्री बिजली की घोषणा की गई है। इसका सीधा फायदा आम आदमी को कुछ महीनों में ही मिलने लगेगा वहीं वर्तमान समय 50 यूनिट बिजली फ्री है।
- चिरंजीवी योजना में अब 25 लाख तक का स्वास्थ्य इलाज फ्री हो जाएगा, इसमें भी सरकार को सिर्फ आदेश जारी करने हैं। साथ ही कोरोना काल में अनाथ होने वाले बच्चों को परिपक्व होने पर सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है।
- वैट विवाद के लिए एमनेस्टी योजना को सरकार बढ़ावा देगी। वहीं 50 लाख तक के फ्लैट खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 2 फीसदी छूट के साथ साथ जीएसटी एक्ट में रिफंड के लिए समय सीमा 3 सप्ताह की गई।
- शिक्षा के क्षेत्र में रिसर्च करने वाले विद्यार्थियों को 30 हजार रुपए हर महीने मदद सरकार देगी। वही बुजुर्ग पेंशन योजना 5000 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 10 हजार रुपए प्रति माह की गई।

राजस्थान सरकार ने इस बजट में सभी वर्गों को साधने की कोशिश की है। अलग-अलग घोषणाओं के जरिए 19000 करोड़ रुपए की राहतें आम आदमी को दी हैं। हालांकि कुछ लोगों को पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने की आस थी, जो अधूरी रह गईं। गहलोत के इस बजट में बढ़ती महंगाई से लड़ने की कोशिश दिखाई दे रही है। चिरंजीवी योजना के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में 10 की जगह 25 लाख तक का इलाज फ्री करवाया जा सकेगा। अब 50 की जगह अब 100 यूनिट घरेलू बिजली फ्री मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा कराई जाने वाली सभी तरह की भर्ती परीक्षाएं निशुल्क कर दी गई हैं।
जानकारी के लिए बता दे कि बजट की साइज में पिछली साल की तुलना में 10 हजार करोड़ का ही इजाफा किया गया है। पिछले साल बजट 3 लाख 82 हजार 246 करोड़ का बजट था, जबकि इस बार 3 लाख 90 हजार 856 करोड़ का बजट पेश किया गया है। इस बजट में घोषणा जितनी बड़ी-बड़ी की गई हैं वहीं उसे पूरा करने के लिए समय उतना ही कम है। निश्चित रूप से इन घोषणाओं और योजनाओं को पूरा करने के लिए कांग्रेस को राजस्थान में दोबारा से सत्ता हासिल करनी होगी, उसके बाद की ये घोषणाएं धरातल पर आ सकती है।

मतलब साफ है, सीएम गहलोत सरकार ने चुनावी बजट की घोषणा कर दी है। घोषणा पसंद आई हैं, तो दोबारा से राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनाएं और योजनाओं का लाभ उठाए।
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