
सबसे पहले आपको बता दे कि WFI के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ 1 नाबालिग सहित 7 महिला पहलवानों ने शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें से 2 पीड़ितों की शिकायतों को द इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में प्रकाशित किया है। दो महिला पहलवानों ने पुलिस को दी शिकायत में कई बार यौन उत्पीड़न किए जाने का ज़िक्र किया है। अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक शिकायत में महिलाओं ने कम से कम 8 घटनाओं का ज़िक्र है। फिजिकल टच, टूर्नामेंट में वार्मअप के दौरान गलत तरीके से छूने जैसी शिकायत दर्ज कराईं गई हैं। हालांकि बृजभूषण सिंह लगातार अपने ऊपर लगे आरोपों को नकार रहे हैं।

दोनों पीड़ित महिला पहलवानों ने शिकायत में कहा कि बृजभूषण ने उन्हें सांस जांचने के तरीके के बहाने उन्हें गलत तरीके से छुआ। बृजभूषण सिंह ने उनकी सहमति के बिना जांघ, कंधे, पेट और छाती को टच किया। एक पीड़ित पहलवान ने अपनी शिकायत में बताया कि 2016 में टूर्नामेंट के दौरान बृजभूषण शरण सिंह एक रेस्तरां में था। जहां कथित तौर पर सांसद ने उसकी छाती और पेट को छुआ। इस घटना के बाद महिला पहलवान बुरी तरह घबरा गई थी। वो पूरी रात सो भी नहीं पाई। उस रात खाना भी नहीं खाया और अवसाद (Depression) में चली गई। इस महिला पहलवान का आरोप है कि साल 2019 में एक अन्य टूर्नामेंट के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने फिर से इसी तरह उसकी छाती और पेट को छुआ।

महिला पहलवान का आरोप है कि सिंह ने 21 अशोक रोड स्थित अपने बंगले में भी उसे ग़लत तरीक़े से छुआ। बृजभूषण शरण सिंह के इसी संसदीय निवास में भारतीय कुश्ती संघ (Wrestling Federation of India) का दफ़्तर भी है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि 2018 में सांसद ने उसे काफी देर तक कसकर गले लगाए रखा। इस दौरान बृजभूषण के हाथ बिल्कुल उसकी छाती के करीब थे। इससे वह असहज हो गई। जिस वजह से उसने खुद को बृजभूषण के चंगुल से छुड़ाया। दूसरी महिला पहलवान ने भी बृजभूषण पर ऐसे ही आरोप लगाए हैं।
महिला पहलवान का आरोप है कि सिंह ने उनसे पर्सनल फ़ोन नंबर भी मांगा और अपना नंबर दिया। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इन दोनों महिला पहलवानों ने इसी सप्ताह सी आर पी सी की धारा 161 के तहत दिल्ली पुलिस को अपने बयान दर्ज करवाए हैं। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने बृजभूषण के ख़िलाफ़ दो FIR दर्ज की हैं, जिसमें से एक पॉस्को हालांकि अभी तक उन्हें गिरफ़्तार नहीं किया गया है। बृजभूषण शरण सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है।

पहलवान WFI के अध्यक्ष के खिलाफ दूसरी बार धरना दे रहे हैं। पहली बार इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (Indian Olympic Association) और केंद्रीय खेल मंत्रालय (Union Sports Ministry) की तरफ से अलग-अलग जांच कमेटी बनाने पर धरना खत्म हो गया था। हालांकि इस बार रेसलर्स बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। उन्होंने बृजभूषण के खिलाफ दिल्ली पुलिस को शिकायत की थी। पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया जिसके बाद पहलवान सुप्रीम कोर्ट चले गए। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश पर दिल्ली पुलिस को FIR दर्ज करनी पड़ी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अब रेसलर्स की याचिका को यह कहते हुए डिस्पोज ऑफ कर केस बंद कर दिया कि उनकी केस दर्ज करने की मांग पूरी हो चुकी है। आगे की कार्रवाई के लिए जरूरत पड़ने पर वह High Court या निजली अदालत जा सकते हैं।
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