
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) ने कहा कि हम अब पूरी तरह से फिट हो गए हैं। अब मोदी जी को फिट करना है। हमें एक होकर लड़ना है, साथ लड़ना है, देश टूटने के कगार पर है। अमेरिका में पीएम मोदी चंदन बांट रहे हैं। कर्नाटक में हनुमान जी ने इनको गदा मारी है। हनुमान जी हम लोग के साथ हैं। BJP और मोदी का बुरा हाल होने वाला है। लालू ने इस दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि "राहुल ने लोकसभा और अदाणी मुद्दे पर अच्छा काम किया।"

झारखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने कहा कि अलग-अलग विचारधारा के लोग यहां हैं। कई चीजों को ध्यान में रखते हुए आम सहमति बने, जो शुरुआत हुई है, वो देश के लिए मील का पत्थर साबित होगा। ईमानदार संकल्प के साथ बढ़ा जाए तो हर मंजिल पाई जा सकती है। साथ मिलकर आगे की लड़ाई लड़ेंगे। विपक्ष की बैठक के बाद आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को एक बार फिर बयान जारी कर अध्यादेश पर अपना स्टैंड क्लियर करने के लिए कहा है।
सपा नेता अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि "आने वाले वक्त में जनाआंदोलन करेंगे। पटना का संदेश यही मिलकर काम करेंगे। देश की जनता और देश कैसे आगे बढ़े, इस पर काम करेंगे। बिहार नवजागरण का गवाह बन रहा है।" सीताराम येचुरी (Sitaram Yechury) ने कहा कि "ये फासीवाद हिंदुत्व राज्य बनाना चाहते हैं। देश के संविधान की रक्षा करनी है।"

उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने कहा कि "हमारा मकसद ताकत हासिल करना नहीं है। ये सत्ता की लड़ाई नहीं, उसूलों और विचारधारा की लड़ाई है। देश के संविधान बचाने की लड़ाई है। मैं, मेहबूबा मुफ्ती देश के बदनसीब इलाका से ताल्लुक रखते हैं। जम्मू कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा मिले।"
उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा कि "हम सबकी विचारधारा अलग है, हम देश की अखंडता के लिए साथ आए हैं, देश में तानाशाही लाने वालों का विरोध करेंगे। मैं अपने आपको विपक्ष नहीं मानता। शुरूआत अच्छी होती है तो आगे सब अच्छा होता है।"
महबूबा मुफ्ती जो जम्मू-कश्मीर में होता था, पूरे देश में हो रहा है। हम गांधी के मुल्क को गोडसे का मुल्क नहीं बनने देंगे। हमने गांधी के मुल्क के लिए हाथ मिलाया है। हमारी एकजुटता नीतीश के लिए बड़ी कामयाबी है। शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा कि "हम सब साथ लड़ेंगे। आपसी मतभेद छोड़कर आगे बढ़ेंगे।"
ममता बनर्जी ने कहा कि पटना में बहुत सारा आंदोलन शुरू हुआ, पटना से इस मीटिंग से नया इतिहास शुरू हुआ है। पटना से जो शुरू होता है वो जनांदोलन बनता है, हम लोग एकजुट हैं। हम एकसाथ लड़ेंगे। हमें विपक्ष नहीं बोलो-"हम भी देश के सिटीजन हैं। हम भी भारतमाता कहते हैं। भाजपा का तानाशाही है।"

राहुल गांधी ने कहा कि "हिंदुस्तान की नींव पर आक्रमण हो रही है। इतिहास पर संस्थान पर बीजेपी आक्रमण कर रही है। ये विचारधारा की लड़ाई है। हमने निर्णय लिया है कि हम एकसाथ काम करेंगे। हम अपनी विचारधारा की रक्षा करेंगे।"
मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने कहा कि "सभी राज्यों के लिए अलग-अलग सीटों पर होगी चर्चा। एजेंडा भी तय होगा।"

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी (Samrat Chowdhary) ने कथित विपक्षी एकता की बैठक पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि "आज पटना में लूटिंग इंडिया वाले लोगों की बैठक हुई है।" वहीं राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी (Sushil Modi) ने कहा है कि "विपक्ष की बैठक टांय-टांय फिश हो गई। कहावत है ‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया’ परंतु बैठक के बाद जो चुहिया निकली वह भी मरी हुई।" मोदी ने कहा कि "बैठक कि एक ही उपलब्धि है की अगली बैठक का स्थान और तिथि तय हो गई। न तो प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार, न ही नीतीश कुमार को संयोजक बनाने की चर्चा हुई। उल्टे अरविंद केजरीवाल गुस्से में प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर चले गए।"

वहीं 23 जून को हो रही विपक्षी बैठक से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 22 जून को दावा किया कि "एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP सरकार बनाएगी।" उन्होंने इस दौरान भीड़ की तरफ इशारा करते हुए पूछा कि "राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी में से 2024 में कौन प्रधानमंत्री बनेगा।" वैसे बीजेपी कहती है कि विपक्ष की बैठक से कुछ नहीं होने वाला है। वहीं बैठक से पहले ऐसे बयान उसकी बौखलाहट को दिखा रही है।
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