
- इस दौरान कार्यक्रम के सम्बोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि "यह आयोजन एक और वजह से बहुत खास है। यह कर्नाटक जैसे एक ऐसे राज्य में हो रहा है जिसे तकनीक की दुनिया में विशेष महारत हासिल है। इस आयोजन से एयरो स्पेस और डिफेंस के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। कर्नाटक के युवाओं के लिए नई संभावनाएं पैदा होंगी।"
- "ये आयोजन केवल एक शो नहीं है, ये भारत की स्ट्रेंथ भी है और भारत की डिफेंस इंडस्ट्री के स्कोप और सेल्फ कॉन्फिडेंस को भी फोकस करता है। आकाश में गर्जना करते तेजस विमान 'मेक इन इंडिया' की सफलता का प्रमाण है। 21वीं सदी का नया भारत अब ना कोई मौका खोएगा और ना ही अपनी मेहनत में कोई कसर छोड़ेगा। और हम कमर कस चुके हैं।"

- "21वीं सदी का 'नया भारत' अब ना कोई मौका खोएगा और ना ही अपनी मेहनत में कोई कसर छोड़ेगा। जो देश दशकों से डिफेंस सेक्टर में सबसे बड़ा आयातक था वो अब दुनिया के 75 देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। एक बात और, भारत की रफ़्तार चाहे जितनी तेज हो लेकिन वो हमेशा जमीन से भी जुड़ा रहता है।"
- देश की विकास प्रणाली पर ज़िक्र करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है कि "हम वर्ष 2024 -25 तक डिफेंस एक्सपोर्ट को 5 बिलियन डॉलर तक ले जाएंगे। भारत अब डिफेंस उत्पादक देशों में शामिल होने के लिए तेजी से कदम बढ़ाएगा।"

जानकारी के अनुसार "एयरो इंडिया 2023" के दौरान भारतीय और विदेशी रक्षा कंपनियों के बीच लगभग 75,000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश वाले 251 समझौतों पर हस्ताक्षर होने के क़यास लगाए जा रहे है।
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