
वीडियो में 38 और 40 सेकेंड के दो वीडियो में बालक को छात्र के साथ छात्राएं भी मारती हैं।
इस पूरे मामले पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्वीट (X) कर कहा, "मासूम बच्चों के मन में भेदभाव का जहर घोलना, स्कूल जैसे पवित्र स्थान को नफरत का बाजार बनाना. एक शिक्षक देश के लिए इससे बुरा कुछ नहीं कर सकता. ये बीजेपी का फैलाया वही केरोसिन है जिसने भारत के कोने-कोने में आग लगा रखी है. बच्चे भारत का भविष्य हैं- उनको नफरत नहीं, हम सबको मिल कर मोहब्बत सिखानी है।"
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) भी ट्वीट कर कहा "मुज़फ़्फ़रनगर के एक वायरल वीडियो में एक टीचर एक अल्पसंख्यक बच्चे को दूसरे बच्चों से पिटवा रही है। इसमें वो दोहरे अपराध की दोषी हैं क्योंकि वो पिटवा भी रही है और दूसरे बच्चों को हिंसक भी बना रही है। भाजपा सरकार ये वीडियो G20 की मीटिंग में दिखाकर साबित करे कि उसका नफ़रती एजेंडा किस प्रकार तरह से सही है। ऐसी टीचर शिक्षक समाज पर धब्बा है, पूरे देश के शिक्षकों को उस टीचर को दंडित करने के लिए आवाज़ उठानी चाहिए।"
एक टीचर एक अल्पसंख्यक बच्चे को दूसरे बच्चों से पिटवा रही है। इसमें वो दोहरे अपराध की दोषी हैं क्योंकि वो पिटवा भी रही है और दूसरे बच्चों को हिंसक भी बना रही है - @yadavakhilesh pic.twitter.com/Ut4VokT5d1
— Molitics (@moliticsindia) August 26, 2023
घटना के तेजी से वायरल होने पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (National Commission for Protection of Child Rights) ने पूरे मामले का संज्ञान लिया आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो (Priyanka Kanungo) ने बयान दिया "उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक शिक्षिका की ओर से कक्षा में बच्चे को अन्य बच्चों से पिटवाये जाने की घटना की जानकारी मिली है। संज्ञान लेकर कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए जा रहे हैं। सभी से निवेदन है कि बच्चे का वीडियो शेयर न करें। इस तरह की घटना की जानकारी ईमेल से दें। बच्चों की पहचान उजागर कर अपराध के भागी न बनें।"
वहीं इस घटना के बाद बच्चे के पिता ने उसे स्कूल से निकाल दिया है बच्चे के पिता ने कहा, "टीचर ने बच्चों के बीच विवाद करवाया था, हमने समझौता कर लिया है। मैं शिक्षक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहता। हमने जो फीस चुकाई थी उसे वापस लेकर अपने बच्चे को इस स्कूल से निकालने का फैसला किया है। मैं नहीं चाहता कि मुझे बार-बार पुलिस या कोर्ट में बुलाया जाए, मैं इन सब चक्कर में नहीं पड़ना चाहता।"
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को मुजफ्फरनगर पुलिस (Muzaffarnagar Police) ने संज्ञान में लिया है और गंभीरता से मामलें की जांच कर रही है।
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